पानी की लेजम को लेकर उपजा था विवाद

यह पूरा मामला भिंड जिले के मेहगांव क्षेत्र का है, जहां मामूली सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक जा पहुंचा। घटना 25 फरवरी 2022 की है, जब पीड़ित शिशुपाल अपनी पानी की लेजम वापस लेने के सिलसिले में आरोपी आलोक शर्मा के घर गया था।

जब शिशुपाल को अपनी लेजम नहीं मिली, तो उसने घर के सदस्यों आलोक और विवेक शर्मा से इसके बारे में पूछताछ की। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

कट्टा निकालकर मारी थी गोली

अभियोजन पक्ष के अनुसार, विवाद के दौरान आरोपी आलोक शर्मा ने अचानक कट्टा निकाला और शिशुपाल पर फायर कर दिया। गोली सीधे शिशुपाल के पेट में जा लगी, जिससे वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।

बेटे की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता रघुवीर उसे बचाने के लिए तुरंत मौके पर दौड़े। आरोप है कि इस दौरान दूसरे भाई विवेक शर्मा ने रघुवीर के साथ भी मारपीट की और उन्हें सिर के बल नीचे पटक दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं।

अस्पताल में भर्ती और पुलिस कार्रवाई

गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की तरफ भागे। ग्रामीणों को आते देख आरोपी वहां से हट गए, जिसके बाद परिजनों ने दोनों घायलों शिशुपाल और उनके पिता रघुवीर को इलाज के लिए मेहगांव अस्पताल पहुंचाया।

घटना की सूचना मिलने पर मेहगांव थाना पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस ने अपनी जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट पेश की थी।

अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए गवाहों और ठोस साक्ष्यों को पेश किया। इस मामले में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक देवेश शुक्ला और विशेष लोक अभियोजक अनीष शर्मा ने पैरवी की।

दौरान-ए-सुनवाई तमाम सबूतों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मेहगांव ने आरोपी आलोक शर्मा और विवेक शर्मा को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा के साथ-साथ 14 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है।