ग्वालियर-चंबल अंचल में राजनीतिक हलचल के बीच, प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक पत्र प्रेषित किया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने राज्य में लागू 'म.प्र. डकैती और अपहरण प्रभावित क्षेत्र कानून 1981' को फौरन निरस्त किए जाने की पुरजोर मांग की है।
अंचल में अब कोई सक्रिय डकैत गिरोह नहीं
अपने पत्र में डॉ. गोविंद सिंह ने तर्क दिया है कि वर्ष 2007 में आखिरी डकैत के खात्मे के बाद से चंबल संभाग सहित पूरे मध्यप्रदेश में किसी भी प्रकार का डकैत गिरोह सक्रिय नहीं बचा है। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और वर्ष 2012 के तत्कालीन गृह राज्यमंत्री उमाशंकर गुप्ता भी सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके हैं कि राज्य से डकैतों का पूरी तरह सफाया हो चुका है।
कड़े कानून के दुरुपयोग का लगाया गंभीर आरोप
वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया है कि इस अत्यंत कड़े कानून का वर्तमान में भारी दुरुपयोग हो रहा है। उनके अनुसार, क्षेत्र में एक भी सक्रिय गिरोह न होने के बावजूद वर्ष 2020 से अब तक छह जिलों के भीतर इस पुराने कानून के अंतर्गत 1000 से अधिक प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं, जिसे उन्होंने चंबल अंचल की जनता के अधिकारों का खुला हनन करार दिया है।
युवाओं और छात्रों के भविष्य पर पड़ रहा है असर
डॉ. सिंह ने इस बात पर भी गहरी चिंता व्यक्त की है कि छोटे-मोटे और सामान्य मामलों में भी इस सख्त कानून के तहत मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप स्थानीय स्तर पर युवाओं और उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले विद्यार्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
पत्र के अंत में उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अंचल के नागरिकों के हितों और उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस अप्रसांगिक हो चुके कानून को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाए।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!