दो घंटे की बारिश ने खोली व्यवस्थाओं की पोल

लहार क्षेत्र में रविवार को अचानक हुई तेज बारिश ने नगर निगम और प्रशासन के दावों की पोल खोल दी। मात्र दो घंटे की अवधि में हुई मूसलाधार वर्षा के बाद शहर की कई प्रमुख सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। मुख्य मार्गों पर पानी इस कदर भर गया कि वहां तालाब जैसा नज़ारा दिखाई देने लगा।

सड़कों पर दो फीट तक पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पानी के बीच से वाहन निकालते समय कई दोपहिया वाहन चालकों को बीच रास्ते में ही परेशानी उठानी पड़ी।

घरों में घुसा पानी, लोगों को करनी पड़ी मशक्कत

बारिश का कहर केवल सड़कों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका पानी कई रिहायशी मोहल्लों और तंग गलियों से होते हुए लोगों के घरों के अंदर तक जा पहुंचा। घरों में पानी घुसने के कारण स्थानीय नागरिकों को गृहस्थी का सामान बचाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी और बाल्टी-डब्बों से पानी बाहर निकालना पड़ा।

क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि नगर में नालियों की समय पर सफाई न होने और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण हर बार बारिश के मौसम में उन्हें ऐसी ही विकट परिस्थितियों से जूझना पड़ता है।

प्रशासन ने दिए जल निकासी सुधार के निर्देश

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने बताया कि स्थिति को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर की सभी नालियों और सड़कों की शीघ्र सफाई कराने के लिए नगर पालिका के अमले को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में इस तरह के जलभराव से शहरवासियों को राहत दिलाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे ताकि बारिश के दिनों में आम जनजीवन प्रभावित न हो।