ग्वालियर हाईकोर्ट द्वारा लापता लड़कियों की तलाश में पुलिस की ढिलाई पर नाराजगी व्यक्त करने के बाद, भिंड के एएसपी प्रदीप कुमार पटेल गुरुवार शाम को आलमपुर पहुंचे। उन्होंने एक लापता युवती के मामले में पीड़ित परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए।
एएसपी प्रदीप पटेल ने याचिकाकर्ता तौफीक राइन और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से विस्तृत बातचीत की और उनके बयान दर्ज किए। इसके बाद, उन्होंने पीड़ित परिवार के घर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने वर्तमान में मामले की जांच कर रहे अधिकारी से केस से संबंधित पूरी जानकारी भी ली।
पुलिस थाने का निरीक्षण और सख्त निर्देश
अपनी यात्रा के दौरान, एएसपी ने आलमपुर पुलिस थाने का भी गहनता से निरीक्षण किया। उन्होंने थाने के रिकॉर्ड्स की जांच की और लंबे समय से फरार चल रहे वारंटियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। एएसपी ने थाना प्रभारी सोहनीश सिंह तोमर को क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
चार माह से लापता है अलीशा
यह पूरा प्रकरण आलमपुर निवासी तौफीक राइन से जुड़ा है, जिन्होंने अपनी बहन अलीशा बानो की गुमशुदगी को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अलीशा 25 मार्च 2026 की रात से लापता है, जिसकी रिपोर्ट उसके पिता ने 26 मार्च को दर्ज कराई थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि लगभग चार महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस उसे ढूंढने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं कर रही है।
हाईकोर्ट की सख्त नाराजगी और आदेश
सोमवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ी नाराजगी व्यक्त की थी। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की खंडपीठ ने टिप्पणी की थी कि मध्य प्रदेश पुलिस लापता लड़कियों की तलाश को गंभीरता से नहीं ले रही है। कोर्ट ने भिंड एसपी के कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे और जांच कर रहे एएसआई ओंकार सिंह तोमर को अपने कर्तव्यों में लापरवाही का दोषी पाया था। इसके बाद, कोर्ट ने जांच अधिकारी को तत्काल बदलने और एएसपी स्तर के अधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने का आदेश दिया था।
इस मामले में एएसपी प्रदीप पटेल ने बताया कि थाना प्रभारी को कानून व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि लापता युवती को जल्द से जल्द ढूंढने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!