रविवार की सुबह मुरैना के नगरा घाट से उत्तर प्रदेश के कैंजरा घाट की ओर जा रहे एक स्टीमर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। बीच धार में पहुंचते ही स्टीमर का डीजल समाप्त हो गया, जिससे उसका इंजन पूरी तरह से बंद हो गया।

पाँच किलोमीटर तक पानी के बहाव में बहता रहा स्टीमर

इंजन बंद होने के कारण स्टीमर पर सवार 64 यात्रियों की सांसे अटक गईं। उफनती हुई चंबल नदी की तेज धार के बीच यह स्टीमर बिना नियंत्रण के लगभग पाँच किलोमीटर तक आगे बहता चला गया, जिससे यात्रियों में भारी दहशत फैल गई।

बिना स्थानीय अनुमति के हो रहा था संचालन

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस स्टीमर के संचालन की अनुमति उत्तर प्रदेश की तरफ से दी गई थी, जबकि मुरैना-भिंड जिला प्रशासन या वन विभाग से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। इससे पहले 21 जुलाई को महुआ पुलिस द्वारा एक अन्य स्टीमर को भी जब्त किया गया था, बावजूद इसके नियमों को ताक पर रखकर संचालन जारी था।

प्रशासन ने लिया सख्त एक्शन

इस घटना के सामने आने के बाद मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने तुरंत कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उसैद घाट पर स्टीमर के संचालन को पूरी तरह से बंद किया जाएगा और कांवड़ यात्रियों तथा पैदल आने-जाने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक रूप से पुल खोलने की व्यवस्था की जाएगी।

मौसम विभाग के अनुसार क्षेत्र में नया मानसूनी सिस्टम भी सक्रिय हो गया है, जिसके चलते नदियों का जलस्तर और बहाव प्रभावित हो रहा है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जल परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें और अवैध रूप से संचालित होने वाले साधनों से दूरी बनाए रखें।