भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार 26 अगस्त को औद्योगिक विकास की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गॉदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की चौथी विस्तारित विनिर्माण इकाई का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। इस नए प्रोजेक्ट पर 450 करोड़ रुपए से ज्यादा की पूंजी लगाई गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की पूरी संभावना है।
उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक
संयंत्र के इस विस्तार के तहत 10 मीट्रिक टन प्रति घंटे की क्षमता वाला निरंतर सैपोनिफिकेशन संयंत्र स्थापित किया गया है। इसके अलावा, उत्पादन प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्रति मिनट 217 बंडल की क्षमता वाली ऑटोमैटिक पैकेजिंग प्रणाली भी लगाई गई है। इस आधुनिकीकरण से प्लांट की कार्यकुशलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
कारखाने के विस्तार के बाद यहां सालाना 42 करोड़ हेयर कलर सैशे, 14 करोड़ मच्छर निरोधक उत्पाद और 10 करोड़ एयर फ्रेशनर सैशे का उत्पादन किया जा सकेगा। इसके साथ ही हेयर क्रीम के निर्माण की क्षमता भी बढ़कर 7,300 मीट्रिक टन सालाना हो जाएगी।
3.20 लाख मीट्रिक टन होगी कुल साबुन उत्पादन क्षमता
गॉदरेज का यह प्लांट मालनपुर क्षेत्र में वर्ष 1991 से लगातार संचालित हो रहा है। लगभग 65 एकड़ जमीन में फैले इस कारखाने में अब तक कुल मिलाकर करीब 850 करोड़ रुपए का संचयी निवेश हो चुका है। मौजूदा समय में इस इकाई से हर साल 1.50 लाख मीट्रिक टन साबुन नूडल्स और 70 हजार मीट्रिक टन तैयार टॉयलेट साबुन का निर्माण किया जाता है।
विस्तार कार्य पूरा होने के बाद साबुन नूडल्स की उत्पादन क्षमता बढ़कर 2 लाख मीट्रिक टन और तैयार साबुन की क्षमता 1.20 लाख मीट्रिक टन सालाना हो जाएगी। इस तरह दोनों उत्पादों को मिलाकर कुल क्षमता सालाना 3.20 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगी। इस बड़े पैमाने के साथ यह इकाई एशिया के सबसे बड़े एकीकृत साबुन विनिर्माण केंद्रों में शुमार होने की राह पर है।
राजस्व में बढ़ोतरी और पर्यावरण का विशेष ध्यान
इस औद्योगिक विस्तार से भिंड और आसपास के इलाकों के युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस इकाई से सरकार को हर साल लगभग 185 करोड़ रुपए का अतिरिक्त केंद्रीय और राज्य जीएसटी राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है। प्रत्यक्ष नौकरियों के साथ-साथ इससे जुड़े अन्य सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कंपनी ने संयंत्र में शून्य तरल अपशिष्ट उत्सर्जन प्रणाली लागू की है। साथ ही ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 204 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर प्लांट भी लगाया गया है।
बुधवार को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ श्रम, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और गॉदरेज कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!