भिंड जिले के मानपुरा गांव में हाल ही में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसने ग्रामीण स्वास्थ्य की एक महत्वपूर्ण तस्वीर पेश की। इस शिविर में कुल 248 मरीजों ने अपनी जांच कराई, जिनमें से सर्वाधिक 80 से अधिक मरीज आंखों की विभिन्न बीमारियों से ग्रसित पाए गए।

नेत्र रोगियों में मोतियाबिंद, निकट दृष्टि दोष, दूर दृष्टि दोष और काला पानी (ग्लूकोमा) जैसी समस्याएं प्रमुखता से सामने आईं। इसके अतिरिक्त, 70 से अधिक ग्रामीण दांतों से संबंधित परेशानियों जैसे मसूड़ों से खून आना, ठंडा-गरम लगना और दांतों में सड़न से जूझ रहे थे।

ग्रामीणों की लगातार मांग पर गांव के सरपंच ओमवीर सिंह चौहान ने इस विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन करवाया था, ताकि स्थानीय लोगों को गांव में ही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिल सके।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम

शिविर में जिला क्षय अधिकारी डॉ. डी.के. शर्मा, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह कुशवाह, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका बिरथरिया और जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. भारद्वाज सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे। उन्होंने मरीजों की जांच कर निःशुल्क परामर्श और आवश्यक दवाएं वितरित कीं।

नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका बिरथरिया ने ग्रामीणों को नियमित रूप से आंखों की जांच कराने, समय पर चश्मा लगवाने और गंभीर मामलों में तत्काल उपचार कराने की सलाह दी। वहीं, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सिंह कुशवाह ने दांतों की साफ-सफाई और नियमित जांच के महत्व पर जोर दिया।

आंखों और दांतों के अलावा, शिविर में कान, हड्डी और जोड़ों से संबंधित बीमारियों के मरीजों की भी जांच की गई और उन्हें उचित उपचार तथा स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। गांव में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से ग्रामीणों ने काफी राहत महसूस की और इस पहल की सराहना की।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता

सरपंच ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पातीं। इसी आवश्यकता को देखते हुए यह शिविर आयोजित किया गया, ताकि जरूरतमंदों को उनके गांव में ही बेहतर इलाज और परामर्श मिल सके। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का आश्वासन दिया।

इस शिविर को सफल बनाने में जुड़ावन चौहान, शैलेन्द्र भदौरिया, इंदल चौहान, सुमेर नरवरिया, कमलेश भाटिया, विक्रम राजावत, सनी राजावत, कृष्णा और कल्लू चौहान सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने सक्रिय सहयोग दिया। कार्यक्रम के समापन पर ग्रामीणों ने चिकित्सकों और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविरों की मांग की।