भिंड जिले के लहार इलाके में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात मटियावली गांव की तरफ से रेत भरकर आ रहे करीब 14 ट्रैक्टर-ट्रॉली मिहोना की ओर ले जाए जा रहे थे, जिन्हें रास्ते में रोकने का प्रयास किया गया।
पुलिस जवान को दी गई धमकियां
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात के समय गश्त कर रहे एफआरवी वाहन पर तैनात पुलिस जवानों ने जब इन रेत से लदे ट्रैक्टरों को रोका, तो वाहन चालकों ने दबंगई दिखाई। आरोप है कि रेत माफिया ने मौके पर स्थानीय नेता का नाम लेकर पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाया और बिना किसी कार्रवाई के सभी 14 ट्रैक्टरों को वहां से भगा ले गए। इस घटना के बाद कार्रवाई करने वाले पुलिसकर्मी भी इस मामले पर कुछ बोलने से कतरा रहे हैं।
न्यायालय में विचाराधीन है रेत का मामला
क्षेत्र में रेत का टेंडर होने के बाद से यह पूरा प्रकरण फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन इसके बावजूद अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। कुछ दिन पहले खनिज विभाग की टीम ने मटियावली इलाके में अवैध रूप से किए गए रेत के भंडारण पर पहुंचकर कार्रवाई की थी, जहां जब्त करने के बजाय रेत को जमीन पर ही फैलवा दिया गया था। इसके बाद माफिया ने मौका पाकर उसी रेत को दोबारा इकट्ठा कर लिया और उसकी सप्लाई फिर से शुरू कर दी।
दोबारा शुरू हुआ अवैध परिवहन
कुछ समय पहले पुलिस की सख्तिकरण कार्रवाई के बाद इस रूट पर अवैध परिवहन पर कुछ हद तक रोक लगी थी। परंतु अब मिहोना क्षेत्र में रेत की मांग बढ़ने और इसके दाम ऊंचे होने के कारण अवैध कारोबारियों ने एक बार फिर रात के वक्त सक्रियता बढ़ा दी है, जिसका ताजा उदाहरण मटियावली से निकले 14 ट्रैक्टरों का यह मामला है।
इस पूरे घटनाक्रम के संबंध में जब मौके पर मौजूद पुलिस जवान से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं, खनिज विभाग के अधिकारियों से भी संपर्क साधने का प्रयास असफल रहा। हालांकि, खनिज निरीक्षक गौरव साहू ने स्वीकार किया है कि लहार क्षेत्र से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं और जल्द ही इस पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!