भिंड जिले के लहार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अचलपुरा गांव में गरीबों के हिस्से का राशन खुर्दबुर्द करने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान के जरिए मिलने वाले गेहूं और चावल का सही वितरण नहीं किया गया, बल्कि उसे बाजार में खपा दिया गया।
ग्रामीणों की शिकायत पर हुई प्रशासनिक जांच
स्थानीय ग्रामीणों ने इस बात की शिकायत दर्ज कराई थी कि दुकान संचालकों द्वारा पात्र हितग्राहियों को समय पर राशन नहीं दिया जा रहा है और खाद्यान्न में हेराफेरी की जा रही है। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन लहार एसडीएम विजय सिंह यादव ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे।
निर्देश मिलने के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील मुद्गल ने मौके पर पहुंचकर स्टॉक और वितरण का सत्यापन किया। जांच के दौरान सरकारी कोटे के करीब 10 लाख 228 रुपये मूल्य के गेहूं और चावल का स्टॉक गायब मिला, जिससे दुकान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की पुष्टि हुई।
दुकान संचालक और सहयोगी के खिलाफ एफआईआर
जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपे जाने के बाद, वर्तमान लहार एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके आधार पर कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी ने मिहोना थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मिहोना पुलिस ने प्रशासनिक आदेश के पालन में दुकान संचालक खुशबू कुशवाह (निवासी दवरेहा) और उनके सहयोगी कल्लू कुशवाह के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है।
आगे की कानूनी कार्रवाई जारी
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सुनील मुद्गल ने मीडिया को जानकारी दी कि सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी और हेराफेरी के पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई है। पुलिस अब मामले के अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की तफ्तीश में जुटी हुई है।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!