अंधेरे में लगाई गई थी प्रतिमा
अशोकनगर जिले के ईसागढ़-चंदेरी मार्ग पर स्थित महोली चौराहे पर रविवार और सोमवार की दरमियानी रात को कुछ अज्ञात लोगों द्वारा रानी अवंतीबाई की प्रतिमा चुपचाप स्थापित कर दी गई थी। यह मूर्ति पुलिस चौकी से महज कुछ ही दूरी पर लगाई गई थी, जिसकी जानकारी सोमवार सुबह होते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच गई।
हाइड्रा मशीन मंगवाकर हटाई गई मूर्ति
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कदम उठाया और हाइड्रा मशीन की मदद से स्थापित की गई प्रतिमा को वहां से हटवा दिया। इस कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और समाज के लोग चौराहे पर एकत्र हो गए और प्रशासनिक अमले के इस कदम का कड़ा विरोध जताना शुरू कर दिया।
क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए और किसी भी अप्रिय घटना को टालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस दौरान कुछ लोगों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की चर्चाएं भी शहर में काफी तेजी से फैलती रहीं।
प्रशासन ने बताई कार्रवाई की वजह
मौके पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे चंदेरी एसडीएम मनीष धनगर और एसडीओपी महेश शर्मा ने ईसागढ़ पुलिस बल के साथ मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर प्रतिमा स्थापित करने के लिए संस्कृति विभाग और अन्य संबंधित विभागों से वैध अनुमति लेना कानूनी रूप से आवश्यक है।
एसडीएम मनीष धनगर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह प्रतिमा पूरी तरह से बिना अनुमति के लगाई गई थी, जिसके कारण इसे हटाने की वैधानिक कार्रवाई की गई है। वहीं, स्थानीय लोगों को थाने में बंद किए जाने की चर्चाओं को उन्होंने सिरे से खारिज करते हुए पूरी तरह अफवाह बताया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!