अशोकनगर शहर में हाल ही में निकाली गई चुनरी यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों का मामला अब तूल पकड़ गया है। इस संबंध में कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने नगरपालिका के नेता प्रतिपक्ष रितेश जैन और शिक्षक कृष्णवीर सिंह यादव के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी पोस्ट

पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब शिक्षक कृष्णवीर सिंह यादव ने सोशल मीडिया पर चुनरी यात्रा की एक तस्वीर साझा करते हुए उस पर सवालिया लहजे में लिखा कि यह चुनरी यात्रा है या भेड़चाल और आस्था के नाम पर हम कहां जा रहे हैं। इसी पोस्ट को कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष रिettes जैन ने अपने फेसबुक अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा कि यह सभी धर्मों में प्रचलित है कि एक पीढ़ी का पाखंड, दूसरी पीढ़ी की परंपरा और तीसरी पीढ़ी का धर्म बन जाता है।

महिलाओं के विरोध के बाद हुई कानूनी कार्रवाई

इन पोस्टों के वायरल होने के बाद शहर में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचने को लेकर आक्रोश फैल गया। इसके चलते बेनी बाई समेत कई महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल देर शाम कोतवाली थाने पहुंचा और पुलिस को लिखित शिकायत दी। महिलाओं का तर्क था कि चुनरी यात्रा उनकी गहरी आस्था से जुड़ी है और इस प्रकार के बयानों से श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान ने पुष्टि की कि महिलाओं की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने व आहत करने का केस दर्ज किया गया है।

आरोपियों ने दी अपनी प्रतिक्रिया

एफआईआर दर्ज होने के बाद नेता प्रतिपक्ष रितेश जैन ने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक दबाव और साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि यह भाजपा का एक राजनीतिक षड्यंत्र है और पुलिस ने सत्तापक्ष के प्रभाव में आकर यह कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए थे जो अदालत में खारिज हो गए थे और इस बार भी उन्हें न्याय की उम्मीद है।

शिक्षक कृष्णवीर सिंह यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि कोई भी समझदार व्यक्ति उनकी पोस्ट को पढ़कर देख सकता है कि उसमें किसी भी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया है। उनका इरादा किसी की भी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का नहीं था।