अशोकनगर जिले के नईसराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत डेढ़ साल पहले हुए बहुचर्चित रमेश रजक हत्याकांड में स्थानीय अदालत ने कठोर निर्णय दिया है। न्यायालय ने मामले में संलिप्त पाए गए चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर दो-दो हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है।

बीच-बचाव करने पर हुआ था जानलेवा हमला

यह खौफनाक वारदात 19 फरवरी 2025 को सामने आई थी, जिसकी रिपोर्ट अभिषेक रजक द्वारा दर्ज कराई गई थी। वादी के अनुसार, नईसराय बस स्टैंड स्थित प्रतीक्षालय के समीप विट्टू उर्फ चंचल कुशवाह, विनोद उर्फ कल्ला कुशवाह, कमल कुशवाह और मुकेश कुशवाह आपस में उलझ रहे थे। जब अभिषेक के चाचा रमेश रजक ने वहां पहुंचकर उन्हें झगड़ा करने से मना किया और शांत रहने की नसीहत दी, तो स्थिति बिगड़ गई।

समझाइश देने से गुस्साए आरोपियों ने रमेश रजक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने पूर्व नियोजित साजिश की तरह कुल्हाड़ी, लोहे के सरिए और लाठी-डंडों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस गंभीर मारपीट में रमेश रजक की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

वैज्ञानिक साक्ष्यों और त्वरित विवेचना से मिला न्याय

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। तत्कालीन थाना प्रभारी व उप निरीक्षक पुनीत दीक्षित ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गवाहों के बयान दर्ज किए और वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया। एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर मुआयना किया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए थे और समयबद्ध तरीके से चार्जशीट कोर्ट में पेश की।

अतिरिक्त सत्र न्यायालय का फैसला

अशोकनगर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 14 अगस्त 2026 को इस सनसनीखेज मामले में अंतिम फैसला सुनाया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विट्टू उर्फ चंचल कुशवाह, विनोद उर्फ कल्ला कुशवाह, कमल कुशवाह और मुकेश कुशवाह को दोषी करार दिया। चारों को आजीवन कारावास की सजा के साथ दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भुगतने के निर्देश दिए गए हैं।

इस त्वरित न्याय प्रक्रिया में लोक अभियोजक अविनाश लोधी, आशुतोष लोधी, नईसराय थाना प्रभारी उप निरीक्षक आशुतोष गुप्ता और विवेचक पुनीत दीक्षित समेत अन्य पुलिस अमले की भूमिका अहम रही। गौरतलब है कि घटना के बाद रजक समाज ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के साथ गांधी पार्क में जोरदार प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ था।