अशोकनगर जिले के अंतर्गत आने वाले चंदेरी क्षेत्र में नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खुद को वरिष्ठ प्रशासनिक और पर्यटन विभाग का अधिकारी बताने वाले भाई-बहन को दबोच लिया है। आरोपी लोगों को सरकारी विभागों में उच्च पदों पर नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे बड़ी रकम ऐंठते थे।

किला कोठी होटल से हुई गिरफ्तारी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी तृप्ति सिंह और उसका भाई सुधांशु सिंह चंदेरी के स्थानीय किला कोठी होटल में रुके हुए थे। इस दौरान तृप्ति ने खुद को मध्य प्रदेश टूरिज्म डिपार्टमेंट की एडिशनल डायरेक्टर के रूप में पेश किया। उसने कई बेरोजगार युवाओं को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अंतर्गत आकर्षक वेतन वाली नौकरियां दिलाने का विश्वास दिलाया था।

चार युवकों से हड़पे गए 9 लाख 80 हजार रुपए

इस धोखाधड़ी का शिकार हुए स्थानीय निवासी जयकुमार कोली, विजय कुमार दुबे, ऋतिक शर्मा और राघव सोनी ने पुलिस के पास पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ितों के मुताबिक, आरोपियों ने प्रत्येक व्यक्ति से तीन-तीन लाख रुपए की मांग की थी। इसके बाद चारों ने किला कोठी में ही आरोपियों को कुल नौ लाख अस्सी हजार रुपए नकद सौंप दिए और अपनी नौकरी से संबंधित दस्तावेज भी दे दिए थे। शेष दो लाख रुपए नौकरी लगने के बाद देने तय हुए थे।

दो अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

शिकायत मिलने के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस टीम ने होटल में दबिश देकर तृप्ति सिंह और सुधांशु सिंह को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह भी पड़ताल कर रही है कि इन आरोपियों ने इस तरह के झांसे देकर अन्य स्थानों पर भी किसी के साथ धोखाधड़ी की है या नहीं। इस पूरे प्रकरण में संलिप्त अन्य दो आरोपी तनुज बैश्य और अंजली सिंह अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिनकी तलाश लगातार की जा रही है।