अशोकनगर जिले के ईसागढ़ थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ दुष्कर्म करने और उसे बदनाम करने की धमकी देकर सोने के जेवर हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी समेत दो लोगों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

31 जुलाई को दर्ज कराई गई थी शिकायत

स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने बीते 31 जुलाई को ईसागढ़ थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ गलत काम किया और फिर समाज में बदनामी का डर दिखाकर उसके सोने के आभूषण छीन लिए।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं, जिनमें धारा 64(1), 308(1) और 351(3) शामिल हैं, के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया और मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन जांच-पड़ताल शुरू कर दी।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बनी विशेष टीम

घटना की संवेदनशीलता को भांपते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने तुरंत एक विशेष पुलिस दल का गठन किया और आरोपियों को शीघ्र पकड़ने के सख्त निर्देश दिए। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सतीश अहिरवार (निवासी पिपरेसरा) को वारदात के महज छह घंटे के भीतर ही दबोच लिया।

पकड़े गए मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद यह बात सामने आई कि उसके एक साथी विकास जाटव ने लूटे गए सोने के आभूषणों को ठिकाने लगाने और उसके बदले में पैसे दिलाने में उसकी मदद की थी।

सह-आरोपी भी गिरफ्तार, अदालत में पेश

इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) की वृद्धि करते हुए दूसरे आरोपी विकास जाटव को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।

इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी उप निरीक्षक मीना रघुवंशी, सउनि अमर सिंह धाकड़, सउनि छगन सिंह, साइबर सेल के सउनि अभिजीत सिंह, प्रधान आरक्षक आशीष रघुवंशी, प्रधान आरक्षक नरेंद्र बाथम और आरक्षक हरेंद्र रघुवंशी शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर आगे भी इसी तरह कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।