अशोकनगर जिले में सावन मास के चौथे सोमवार के अवसर पर शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही विभिन्न शिवालयों में पहुंचकर श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जल और दूध से अभिषेक किया तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
राजराजेश्वर मंदिर से निकली पालकी यात्रा
मुख्यालय पर सावन सोमवार के पावन पर्व पर राजराजेश्वर महादेव मंदिर से एक भव्य पालकी यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित हुए। मार्ग में भगवान भोलेनाथ की आकर्षक झांकी सजाई गई थी और संपूर्ण नगर 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
ईसागढ़ में 1001 कांवड़ियों की यात्रा
उधर ईसागढ़ कस्बे में भी शिवभक्ति का अभूतपूर्व उत्साह नजर आया, जहां 1001 कांवड़िए और करीब 3000 श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए। शिवभक्तों ने देवकली माता मंदिर के चोपड़ा से जल भरकर ईसागढ़ के लिए अपनी यात्रा शुरू की।
इस कांवड़ यात्रा के दौरान अघोरी वेशभूषा में शामिल शिवभक्त मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे। उनके पीछे हाथों में कांवड़ थामे श्रद्धालुओं का रैला चल रहा था और यात्रा में बाबा की पालकी भी सुशोभित थी। नगर प्रवेश के दौरान विभिन्न स्थानों पर कांवड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
हजारेश्वर महादेव मंदिर में हुआ रुद्राभिषेक
नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवेंद्र यादव द्वारा करीब चार साल पहले शुरू की गई इस कांवड़ यात्रा का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पिछले वर्ष जहां 501 कांवड़िए शामिल थे, वहीं इस बार इनकी संख्या बढ़कर 1001 हो गई। शहर के प्रमुख मार्गों से गुज़रने के बाद यात्रा तालाब रोड स्थित हजारेश्वर महादेव मंदिर पहुंची।
हजारेश्वर महादेव मंदिर में ब्राह्मणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान भोलेनाथ का विशेष रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। इसके पश्चात कांवड़ियों समेत तमाम भक्तों ने भगवान शिव को जल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की, जिससे पूरे अंचल में दिनभर धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना रहा।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!