मुंगावली अंचल में इन दिनों सावन के पवित्र महीने के चलते शिवालयों में शिव भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में क्षेत्र में एक भव्य और विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
बेतवा तट से हुआ जल का अर्जन
इस धार्मिक यात्रा का श्रीगणेश सुबह आठ बजे बेतवा नदी के तट पर स्थित कंजिया के प्रसिद्ध चिंतेश्वर महादेव मंदिर से किया गया। वहां पहुंचे सैकड़ों कांवड़ियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के पश्चात बेतवा का पवित्र जल अपनी कांवड़ों में भरा।
दस किलोमीटर का कठिन और लंबा सफर
पूजा के बाद सुबह दस बजे शिव भक्तों का यह जत्था 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाते हुए मुंगावली नगर की तरफ आगे बढ़ा। इस दस किलोमीटर लंबे और कठिन मार्ग पर आठ वर्ष के बच्चों से लेकर बासठ वर्ष तक के बुजुर्गों ने बिना चप्पलों के नंगे पांव चलकर अपनी गहरी धार्मिक आस्था का परिचय दिया।
विभिन्न मार्गों से गुजरी यात्रा
बेतवा घाट से आरंभ होकर यह कांवड़ यात्रा सेमरखेड़ी, छोटा भोपाल, महुआखाड़ी और नई बसात के रास्ते होते हुए स्टेशन रोड स्थित इमली चौराहा पहुंची।
इसके बाद यात्रा मल्हारगढ़ रोड, भुजरिया तालाब रोड, रामलीला मंच, पुराना बाजार, नया बाजार, पोस्ट ऑफिस चौराहा और बस स्टैंड से होती हुई जय स्तंभ चौराहा तक गई।
नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरने के बाद इस कांवड़ यात्रा का समापन स्थानीय प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पर संपन्न हुआ, जहां भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!