अशोकनगर जिले के कृषि क्षेत्र के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। फसलों की बुवाई और देखरेख के समय खाद की बढ़ती मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया है। कलेक्टर साकेत मालवीय के मार्गदर्शन में जिले को आईपीएल कंपनी के माध्यम से डीएपी खाद की एक और खेप प्राप्त हुई है।

रैक से मिला 1887 मीट्रिक टन खाद का स्टॉक

कृषि विभाग के उपसंचालक अमित भदौरिया ने जानकारी दी है कि हाल ही में आई रैक से कुल 1887 मीट्रिक टन डीएपी खाद प्राप्त हुई है। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और लंबी कतारों से बचाया जा सके, इसलिए इस स्टॉक को बिना किसी देरी के सीधे वितरण केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया है।

प्रमुख केंद्रों और सोसायटियों में हुआ खाद का आवंटन

प्रशासन द्वारा तैयार की गई वितरण योजना के तहत सरकारी डबल लॉक केंद्रों और ग्रामीण सोसायटियों को प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत अशोकनगर डबल लॉक केंद्र को 701 मीट्रिक टन, मुंगावली को 100 मीट्रिक टन, पिपरई को 150 मीट्रिक टन और एमपी एग्रो अशोकनगर को 104 मीट्रिक टन डीएपी खाद उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा खुले बाजार में किसानों की मांग को पूरा करने हेतु निजी विक्रेताओं के लिए भी 332 मीट्रिक टन खाद का आवंटन किया गया है।

गांव स्तर पर 20 सहकारी समितियों को भेजा गया स्टॉक

ग्रामीण अंचल के किसानों तक सुगमता से खाद पहुंचाने के लिए जिले की 20 प्राथमिक सेवा सहकारी समितियों को 25-25 मीट्रिक टन के हिसाब से कुल 500 मीट्रिक टन खाद भेजी गई है। इनमें ईसागढ़, महिदपुर, नईसराय, कदवाया, बमनावर, पारसील, महुअन, कोहरवास, अशोकनगर, हिनोतियां, मुंगावली, गुन्हेरू, नरखेड़ा, हिरावल, रामनगर, प्राणपुर, सेहराई, डुंगासरा, महोली और डोंगर शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर खाद पहुंचाई जा चुकी है और वितरण का कार्य सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है।