मानसून की बेरुखी पर ग्रामीणों ने टेका था माथा
अशोकनगर जिले के मुंगावली इलाके में इन दिनों लोक-आस्था और भक्ति का अनूठा माहौल बना हुआ है। बीते दिनों मानसून की बेरुखी और उसकी वजह से फसलों पर मंडराते खतरे को भांपते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने माता के दरबार में विशेष अरदास लगाई थी।
किसानों और क्षेत्रीय नागरिकों की यह प्रार्थना आखिरकार रंग लाई और झमाझम बारिश के बाद अन्नदाताओं के चेहरे खिल उठे। मन्नत पूरी होने के बाद अब आभार जताने के लिए क्षेत्र में एक दिन में पांच-पांच चुनरी यात्राएं निकाली जा रही हैं।
विभिन्न मंदिरों में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु
अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने पर क्षेत्र के लोग प्रसिद्ध करीला धाम, जागेश्वरी माता और कसावनी माता मंदिर तक लंबी चुनरी यात्राएं लेकर पहुंच रहे हैं। इस धार्मिक सिलसिले के तहत मंगलवार को ग्राम चाचूखेड़ा से 251 फीट लंबी चुनरी यात्रा रवाना हुई थी, जबकि जियाजीगढ़ के श्रद्धालुओं ने भी यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इसी क्रम में बुधवार की सुबह करीब 8 बजे नगर की कुशवाह कॉलोनी से भी डीजे की धुन और माता के भजनों के बीच 151 मीटर लंबी चुनरी यात्रा धूमधाम के साथ निकाली गई।
भंडारे का भी किया जा रहा आयोजन
आयोजकों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, करीला धाम पहुंचकर माता रानी को विधि-विधान से चुनरी अर्पित की जा रही है।
चुनरी चढ़ाने के इस धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए विशाल दाल-बाटी के भंडारे का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हो रहे हैं।






टिप्पणियाँ 2
बहुत बढ़िया और संतुलित रिपोर्टिंग। ग्वालियर चंबल टाइम्स पर भरोसा बना रहता है।
अंचल की खबरें इतनी डिटेल में और कहीं नहीं मिलतीं। शुक्रिया!