अशोकनगर जिले में सावन मास के तीसरे सोमवार को शिवभक्ति का माहौल पूरी तरह परवान चढ़ता दिखाई दिया। शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक फैले शिवालयों में सुबह से ही आस्थावानों का तांता लगा रहा। मौसम के मिजाज में नरमी और रिमझिम फुहारों के बीच भगवान आशुतोष के दर्शन व पूजन के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा गया।

तूमैन की त्रिवेणी नदी से आए कांवड़िए

इस पावन अवसर पर हजारों की संख्या में कांवड़िए तूमैन पहुंचे और वहां की त्रिवेणी नदी से पवित्र जल भरा। भगवा वस्त्रों में सजे इन शिवभक्तों का जत्था जब कांवड़ यात्रा लेकर अशोकनगर की तरफ बढ़ा, तो पूरा मार्ग हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। इस यात्रा में युवाओं के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इससे पहले ये सभी कांवड़िए गांधी पार्क से विभिन्न वाहनों जैसे बस और ट्रैक्टरों के माध्यम से तूमैन के लिए रवाना हुए थे। त्रिवेणी तट से जल उठाने के पश्चात वे पुनः अशोकनगर लौटे ताकि निर्धारित समय पर शिवालयों में जलाभिषेक संपन्न किया जा सके।

शहर के प्रमुख मंदिरों में लगी लंबी कतारें

कांवड़ियों के लौटने पर शहर के प्रसिद्ध राज-राजेश्वर महादेव मंदिर और हजारेश्वर महादेव मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों में जलाभिषेक का दौर शुरू हुआ। भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध और अन्य पारंपरिक पूजन सामग्री अर्पित की तथा क्षेत्र में सुख-शांति की मन्नतें मांगी।

लगातार हो रही हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं के जोश में कोई कमी नहीं आई। डीजे की धार्मिक धुनों और शिव के जयघोष के बीच सड़क मार्ग पूरी तरह भगवा रंग में रंगा नजर आया, जिससे जिलेभर में आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला।