अशोकनगर जिले के अंतर्गत आने वाले मुंगावली कस्बे से मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। यहां पिछले 27 वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर रह रहे हत्या और अन्य गंभीर मामलों के एक फरार आरोपी को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा।

चंदेरी बाईपास से दबोचा गया आरोपी

दिल्ली क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने एसआई दीपक दहिया के नेतृत्व में यह कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने मंगलवार को मुंगावली के चंदेरी बाईपास स्थित तालाब रोड के पास दबिश देकर आरोपी को अपनी गिरफ्त में ले लिया। गिरफ्तारी के वक्त वह पिछले लंबे समय से राजेंद्र यादव के नाम से अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।

पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद उसकी असली पहचान राजिंदर सिंह बरागी (53 वर्ष) पुत्र सूरजमल के रूप में हुई। मूल रूप से वह हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर स्थित गांधी नगर का रहने वाला है, जो काफी समय से मुंगावली के चंदेरी रोड इलाके में शरण लिए हुए था।

कई थानों में दर्ज हैं संगीन मामले

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी राजिंदर सिंह को रोहिणी न्यायालय द्वारा दिल्ली के जनकपुरी थाने में दर्ज एक एफआईआर के मामले में भगोड़ा घोषित किया गया था। इसके अतिरिक्त, उस पर हरियाणा के गन्नौर थाने में हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा और शस्त्र अधिनियम के तहत भी कई प्रकरण दर्ज हैं।

इस शातिर अपराधी के इतिहास का दायरा काफी बड़ा है। यह वर्ष 1999 के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत से उस समय फरार हो गया था, जब्कि इसे एक मामले में पेशी के लिए ले जाया जा रहा था। इस घटना के बाद से ही वह लगातार कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था।

चार सदस्यीय टीम ने बिछाया जाल

दिल्ली क्राइम ब्रांच की चार सदस्यीय टीम पिछले कई दिनों से इस फरार इनामी जैसे शातिर अपराधी की टोह ले रही थी। पुख्ता सूचना हाथ लगने के बाद पुलिस ने मुंगावली में स्थानीय स्तर पर योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी और उसे पकड़ने में सफलता हासिल की।

पकड़े गए आरोपी को अब स्थानीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, जिसके पश्चात ट्रांजिट रिमांड पर उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दिल्ली अथवा हरियाणा ले जाया जाएगा।