अशोकनगर जिले में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के विपरीत सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है। परिवहन विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से वाहन चालकों और मालिकों में खलबली मच गई है।

ईसागढ़ क्षेत्र में की गई औचक जांच

जिला परिवहन अधिकारी क्षितिज सोनी ने बुधवार को ईसागढ़ तहसील का औचक दौरा किया। इस दौरान सड़क पर चल रही यात्री बसों, डंपरों और मालवाहक वाहनों को रोककर उनके कागजातों की बारीकी से जांच की गई।

वाहनों में मिली कई गंभीर खामियां

जांच के दौरान कई स्कूल बसों और भारी वाहनों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई। वाहन चालकों के पास वैध लाइसेंस नहीं मिले, तो कई गाड़ियों का प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नवीनीकृत नहीं कराया गया था।

इसके अलावा कई गाड़ियों से स्पीड गवर्नर, वाहन ट्रैकिंग सिस्टम, अग्नि सुरक्षा यंत्र यानी फायर एक्सटिंग्विशर और प्राथमिक उपचार पेटी गायब मिली। कुछ वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियां भरी हुई थीं और चालक बिना सीट बेल्ट के वाहन चला रहे थे।

वसूला गया 40 हजार से अधिक जुर्माना

परिवहन अमले ने नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 10 वाहनों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके पर ही वाहन चालकों और मालिकों से 40 हजार 500 रुपये का समझौता शुल्क वसूला गया।

परिवहन अधिकारियों ने वाहन संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे जल्द से जल्द अपने सभी दस्तावेज दुरुस्त कर लें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अनफिट और ओवरलोडेड गाड़ियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।