Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले के मनपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चौबीस घंटे डॉक्टर तैनात करने की मांग को लेकर दिनेश सगर का अनशन छठे दिन भी जारी रहा। इस दौरान उनका वजन काफी कम हो गया है और ग्रामीणों का उन्हें लगातार समर्थन मिल रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-f008b366
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमनपुरा स्वास्थ्य केंद्र पर चौबीस घंटे डॉक्टर की मांग Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले के मनपुरा गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चौबीस घंटे डॉक्टर की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर दिनेश सगर का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा। वे खुले आसमान के नीचे बिना अन्न और जल के बैठे हुए हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में उनकी सेहत को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअनशन के छह दिन पूरे होने पर दिनेश सगर ने जानकारी दी कि इस अवधि के दौरान उनका वजन 5 किलो 400 ग्राम से अधिक घट गया है। साथ ही उनका शुगर स्तर भी काफी नीचे गिर गया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक मनपुरा अस्पताल में चौबीस घंटे चिकित्सीय सेवाएं बहाल नहीं की जातीं, उनका यह अनशन समाप्त नहीं होगा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों का मिल रहा समर्थन और पिछोर का पुराना मामला Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदिनेश के इस धरने और भूख हड़ताल को क्षेत्र के ग्रामीणों का पूरा समर्थन मिल रहा है। बड़ी संख्या में ग्रामीण अनशन स्थल पर पहुंचकर उनका साथ दे रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टर और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं न होने के कारण गंभीर स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए अन्य दूरदराज के स्थानों पर भटकना पड़ता है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबता दें कि दिनेश सगर इससे पहले बीते 21 अगस्त को भी सुर्खियों में आए थे। पिछोर क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक परिवर्तन यात्रा की अनुमति न मिलने से नाराज होकर वे हाथ में पेट्रोल की बोतल लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। पूरी रात टंकी पर बिताने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद ही वे नीचे उतरे थे। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्वास्थ्य विभाग का पक्ष और वैकल्पिक व्यवस्था Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले पर जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषेश्वर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मनपुरा स्वास्थ्य केंद्र में फिलहाल कोई डॉक्टर स्थाई रूप से पदस्थ नहीं है। हालांकि व्यवस्था बनाए रखने के लिए खोड़ और पिछोर स्वास्थ्य केंद्रों से दो डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, जो मनपुरा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभाग के अनुसार, इससे पहले मनपुरा में जिन दो डॉक्टरों की नियुक्ति की गई थी, उन्होंने कार्यभार नहीं संभाला था। नियमित डॉक्टर की पदस्थापना के लिए उच्च स्तर पर पत्र लिखा जा चुका है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था के तहत फिलहाल मनपुरा केंद्र में मरीजों के लिए चिकित्सीय सेवाएं सुचारू रूप से चलाई जा रही हैं। Add text below Add image below