Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले में भावांतर योजना के तहत सोयाबीन पंजीयन का काम आज से आरंभ हो गया है, जो 17 अक्टूबर तक चलेगा। हालांकि, खरीद की तारीख तय न होने के कारण अन्नदाता असमंजस की स्थिति में हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-eb965d90
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले में खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन की खेती का दायरा इस बार काफी बढ़ गया है। कृषि विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जिले में सोयाबीन का रकबा बढ़कर 65 हजार हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा करीब 45 हजार हेक्टेयर दर्ज किया गया था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबंपर पैदावार की उम्मीद, पर असमंजस बरकरार Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरकबे में बढ़ोतरी के साथ ही इस बार मौसम अनुकूल रहने से प्रति एकड़ 5 से 6 क्विंटल तक बंपर पैदावार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कृषि विभाग की ओर से किसानों के लिए पंजीयन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से शुरू कर दी गई है जो आगामी 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। बावजूद इसके, शासन स्तर से वास्तविक खरीदी की तिथि घोषित न किए जाने से किसानों में संशय बना हुआ है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएमएसपी में बढ़ोतरी और योजना का गणित Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसरकार द्वारा 'प्राइस डेफिसिट पेमेंट स्कीम' यानी भावांतर भुगतान योजना के अंतर्गत सोयाबीन के मॉडल भाव और न्यूनतम समर्थन मूल्य के बीच के अंतर की भरपाई किसानों को की जाती है। इस बार केंद्र सरकार ने सोयाबीन का एमएसपी 5,708 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो बीते वर्ष के 5,328 रुपए से 380 रुपए अधिक है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीधे समर्थन मूल्य पर खरीदी की मांग Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभावांतर योजना की जटिल कार्यप्रणाली और भुगतान मिलने में होने वाली देरी के चलते किसान संगठन नाखुश नजर आ रहे हैं। अन्नदाताओं का तर्क है कि भावांतर के स्थान पर सरकार को सीधे समर्थन मूल्य पर सोयाबीन की खरीदी करनी चाहिए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालय, सहकारी समितियों और एमपी किसान ऐप के माध्यम से पूरी तरह निःशुल्क रखी गई है। वहीं, एमपी ऑनलाइन कियोस्क, सीएससी और निजी सायबर कैफे से पंजीयन कराने पर 50 रुपए का शुल्क निर्धारित किया गया है। Add text below Add image below