Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी में अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन द्वारा मंगलवार को मांग पदयात्रा निकाली गई, जिसमें सीता नवमी को प्राकट्योत्सव दिवस घोषित करने की मांग की गई है। एक महीने के भीतर फैसला न होने पर भोपाल में आंदोलन की चेतावनी दी गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-e32cf55a
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय जानकी सेना संगठन की ओर से एक विशेष मांग पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह आयोजन 'मां जानकी प्राकट्योत्सव दिवस घोषित हो' राष्ट्रव्यापी अभियान के अंतर्गत संपन्न हुआ। शहर के पोलो ग्राउंड स्थित मां जानकी लवकुश पार्क से इस पदयात्रा का शुभारंभ किया गया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीता नवमी को प्राकट्योत्सव दिवस घोषित करने की मांग Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंगठन के पदाधिकारियों ने इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि मध्य प्रदेश में वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी यानी सीता नवमी को आधिकारिक तौर पर 'मां जानकी प्राकट्योत्सव दिवस' घोषित किया जाए। संगठन का कहना है कि माता सीता देश की नारी शक्ति, त्याग और संस्कारों की सर्वोच्च प्रेरणा हैं, इसलिए उनके प्राकट्योत्सव को प्रदेश स्तर पर मनाया जाना चाहिए। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी से शुरू हुआ राष्ट्रव्यापी अभियान Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत ने जानकारी दी कि इस अभियान की शुरुआत इसी साल 6 जून को शिवपुरी से ही की गई थी। अभियान के शुरुआती चरण के तहत शासन के सचिवालय को लगभग 10 हजार मांग पत्र भेजे जा चुके हैं, जिन्हें ई-मेल के जरिए भी प्रेषित किया गया है। अब विभिन्न जिलों में पदयात्राएं निकालकर जिला कलेक्टर्स के माध्यम से ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरावत ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश से इस अभियान की शुरुआत करने के पीछे मुख्य वजह यह है कि भगवान श्रीराम और माता सीता ने अपने वनवास काल का अधिकांश समय यानी करीब साढ़े ग्यारह वर्ष चित्रकूट में बिताए थे। चित्रकूट आज प्रदेश का एक प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल है, और इस मांग के पूरा होने से भारतीय संस्कृति को और अधिक बढ़ावा मिलेगा। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहिला इकाई ने भी रखी अपनी बात और दी चेतावनी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहिला मोर्चा की अध्यक्ष अनुषा भटनागर ने कहा कि माता जानकी भारतीय संस्कृति में नारी गरिमा और शक्ति की प्रतीक हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि इस दिवस को मनाने से नई पीढ़ी को अपने संस्कारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। संगठन ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेताया है कि यदि एक महीने के भीतर इस पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भोपाल में हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विशाल पदयात्रा निकालकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा। Add text below Add image below