Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryझांसी तिराहा स्थित गांधी पेट्रोल पंप की जमीन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स की याचिका खारिज कर दी है। लीज अवधि पूरी होने के बाद इस भूमि को लेकर नगर पालिका और संचालकों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही थी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-81f994e9
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी शहर के व्यस्त झांसी तिराहे पर स्थित गांधी पेट्रोल पंप की जमीन को लेकर चल रहे लंबे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स की ओर से दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की पीठ के समक्ष हुई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष 1960 में तय हुई थी 25 साल की लीज Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा विवाद जमीन के पट्टे की अवधि समाप्त होने से जुड़ा है। नगर पालिका परिषद शिवपुरी द्वारा वर्ष 1960 में यह जमीन मैसर्स जय भारत ऑटोमोबाइल्स को 25 वर्षों के लिए लीज पर दी गई थी। इस आवंटन के एवज में 4,472 रुपए प्रीमियम और 279.50 रुपए सालाना किराया निर्धारित किया गया था, जिस पर बाद में पेट्रोल पंप का संचालन शुरू हुआ था। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिर्धारित 25 साल की लीज अवधि पूरी होने के बाद भी भूमि का अनुबंध दोबारा नहीं बढ़ाया गया। इसके बाद नगर पालिका ने इस जमीन पर अपना अधिकार जताते हुए इसे वापस लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी थी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से नगर पालिका के पक्ष में फैसला आने के बाद संस्था को जमीन खाली करने के आधिकारिक नोटिस भी थमाए गए थे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसोमवार को हुआ था भारी हंगामा और जेसीबी कार्रवाई Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशीर्ष अदालत में सुनवाई से ठीक एक दिन पहले सोमवार को स्थानीय स्तर पर भारी प्रशासनिक गहमागहमी देखने को मिली थी। नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा दल-बल के साथ जेसीबी और डंपर लेकर सीधे गांधी पेट्रोल पंप पहुंच गई थीं और मौके पर जमीन को अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजैसे ही बुलडोजर और जेसीबी से कार्रवाई आगे बढ़ी, पेट्रोल पंप पर कार्यरत कर्मचारियों ने मशीन के सामने लेटकर कड़ा विरोध जताना शुरू कर दिया। कर्मचारियों के आक्रोश और हंगामे के कारण मौके पर करीब दो घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और कार्रवाई को फिलहाल रोकना पड़ा था। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअब आगे की कार्रवाई पर टिकी निगाहें Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुप्रीम कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद अब कानूनी रूप से नगर पालिका का पक्ष और मजबूत हो गया है। स्थानीय नागरिकों और प्रशासनिक हल्कों में अब इस बात पर नजर टिकी हुई है कि नगर पालिका प्रशासन इस बहुचर्चित जमीन को कब्जे में लेने के लिए अगला क्या कदम उठाता है। Add text below Add image below