Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी के मनियर बायपास क्षेत्र में सोमवार को एक परिवार अपनी पुरानी जमीन पर मकान निर्माण की मांग को लेकर नौ महीने के बच्चे के साथ पानी की टंकी पर चढ़ गया। अधिकारियों द्वारा सरकारी योजना का लाभ दिलाने का भरोसा दिए जाने के बाद करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद वे नीचे आए।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-6cfd20ac
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले के मनियर बायपास इलाके में सोमवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक परिवार नौ महीने के दुधमुंहे बच्चे के साथ पानी की ऊंची टंकी पर जा पहुंचा। परिवार का दावा था कि वे पिछले ढाई-तीन दशकों से सरकारी भूमि पर झोपड़ी डालकर जीवन बसर कर रहे हैं, लेकिन अब उन्हें वहां पक्का निर्माण करने से रोका जा रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपक्का घर बनाने से रोकने का लगाया आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमनियर निवासी पवन जाटव अपनी पत्नी सपना जाटव, मां रामश्री जाटव और नौ माह के बेटे इशांक जाटव के साथ टंकी पर चढ़ा था। पवन का आरोप है कि वह इस स्थान पर 25 से 30 साल से काबिज है। उसके अनुसार, अतर सिंह धाकड़, राम स्वरूप धाकड़ और अन्य स्थानीय लोग उसे वहां पक्का मकान नहीं बनाने दे रहे हैं और उसे लगातार धमकियां मिल रही हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित पवन ने यह भी शिकायत की कि उसने इस मामले में पुलिस में गुहार लगाई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उसने आरोप लगाया कि उसके मामा रामभजन को भी पुलिस पकड़कर ले गई थी, जिससे क्षुब्ध होकर उसे अपने पूरे परिवार के साथ यह खतरनाक कदम उठाना पड़ा। उसने साफ कह दिया था कि जब तक उसे न्याय और समाधान नहीं मिलेगा, वह टंकी से नीचे नहीं उतरेगा। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने संभाला मोर्चा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे अपने बल के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा भी मौके पर पहुंचे और परिवार से लगातार संवाद स्थापित किया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसी भी अनहोनी से निपटने के लिए मौके पर एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया, जो सुरक्षा जाल और अन्य जरूरी उपकरणों के साथ मुस्तैद रही। प्रशासनिक अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए परिवार को सुरक्षित नीचे उतरने के लिए राजी किया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआवास योजना का लाभ दिलाने का मिला आश्वासन Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकरीब डेढ़ घंटे तक चली लंबी समझाइश और प्रशासनिक अधिकारियों के भरोसे के बाद आखिरकार पवन और उसका परिवार टंकी से नीचे उतर आया। इस दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ भी वहां जमा हो गई थी। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा ने मीडिया को बताया कि यह परिवार सरकारी जमीन पर मकान बनाना चाहता था। प्रशासनिक अमले ने उनकी बात गंभीरता से सुनी है और उन्हें सरकारी आवास योजना के तहत पात्रता के आधार पर लाभ दिलाने का पूरा भरोसा दिया है, जिसके बाद मामला शांत हुआ। Add text below Add image below