Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी में बुधवार दोपहर हुई तेज बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि, इस बार मानसून कमजोर रहने से जिले का मुख्य अटल सागर (मड़ीखेड़ा) बांध पिछले साल के मुकाबले अब भी आधा खाली है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-6c645a8f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी शहर में बुधवार दोपहर के समय लगभग आधे घंटे तक हुई झमाझम बारिश के बाद लोगों को पिछले कुछ दिनों से परेशान कर रही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस अल्पकालिक बरसात के दौरान शहर की प्रमुख सड़कों पर पानी जमा हो गया और कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपिछले साल के मुकाबले इस बार बारिश का ग्राफ काफी नीचे Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय मौसम और भू-अभिलेख विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, जिले में इस सीजन में मानसून की रफ्तार धीमी रही है। एक जून से लेकर पांच अगस्त 2026 तक की अवधि में जिले में औसतन केवल 292.36 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई है। जबकि बीते वर्ष इसी समयावधि में जिले में 1040.48 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई थी, जो वर्तमान आंकड़ों से बेहद अधिक है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतुलना करें तो जिले की कुल सामान्य औसत वर्षा का पैमाना 816.3 मिलीमीटर है, जबकि बीते पूरे मानसून सत्र के दौरान कुल 1585.86 मिलीमीटर पानी बरसा था। इस बार इन आंकड़ों की तुलना में बारिश काफी पीछे चल रही है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअटल सागर (मड़ीखेड़ा) बांध में जलस्तर की स्थिति Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमानसून की बेरुखी का सीधा असर जिले के सबसे बड़े जल स्रोत अटल सागर बांध, जिसे मड़ीखेड़ा बांध भी कहा जाता है, पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। सिंध परियोजना की पांच अगस्त की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस विशाल बांध में इस समय 488.63 मिलियन घनमीटर जल का भंडारण है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह मात्रा इस बांध की कुल जल ग्रहण क्षमता 834.83 मिलियन घनमीटर का लगभग 58.53 प्रतिशत बैठती है, और वर्तमान में बांध का जलस्तर 339.70 मीटर मापा गया है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबीते साल अगस्त के पहले हफ्ते में ही लबालब हो गया था बांध Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteचार अगस्त 2025 को मड़ीखेड़ा बांध में 622.69 मिलियन घनमीटर पानी मौजूद था, जो इसकी कुल क्षमता का 74.59 प्रतिशत था। उस दौरान लगातार हो रही बारिश से आवक बनी हुई थी और अगस्त के शुरुआती दिनों में ही बांध लगभग भर गया था। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबुधवार को हुई स्थानीय बारिश ने भले ही आमजन को कुछ पलों के लिए राहत दी हो, परंतु जिले में और अधिक मानसूनी गतिविधियों की दरकार है। जब तक आने वाले दिनों में क्षेत्र में झमाझम और निरंतर बारिश का दौर शुरू नहीं होता, तब तक जल संकट और बांध के स्तर को लेकर चिंता बनी रह सकती है। Add text below Add image below