Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले में छह वर्षीय बालिका से दुष्कर्म के मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने अपना फैसला सुनाया है। दोषी नाबालिग को एक वर्ष के लिए इंदौर स्थित बाल संप्रेषण गृह भेजने का आदेश दिया गया है, साथ ही पीड़िता के लिए मुआवजे की भी अनुशंसा की गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-673d0622
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले में एक छह साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। बोर्ड ने नाबालिग आरोपी को दोषी ठहराते हुए उसे एक साल के लिए इंदौर के बाल संप्रेषण गृह में भेजने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, पीड़िता के पुनर्वास और सहायता के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की सिफारिश भी की गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या था पूरा मामला? Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह घटना गोवर्धन थाना क्षेत्र की है। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी किशोर ने एक छह वर्षीय बालिका को आइसक्रीम खिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया था और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिशोर न्याय बोर्ड का फैसला Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले की सुनवाई किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट प्रिया शर्मा, सदस्य सरला वर्मा और रंजीत गुप्ता की पीठ ने की। बोर्ड ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी पाया। अपने आदेश में बोर्ड ने कहा कि चूंकि आरोपी की वर्तमान आयु 18 वर्ष 7 माह है, इसलिए उसे एक वर्ष की अवधि के लिए इंदौर स्थित विशेष गृह में रखा जाएगा। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबोर्ड ने अपने फैसले में पीड़ित बालिका के भविष्य और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को एक लाख रुपये की प्रतिकार राशि उपलब्ध कराने की सिफारिश की है। इस पूरे मामले में शासन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी शमीम खान ने प्रभावी पैरवी की। Add text below Add image below