Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले के नरवर में स्थित ऐतिहासिक धुवाई तालाब में चार वार्डों का गंदा पानी मिलने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने कड़े कदम उठाए हैं। NGT ने नगर परिषद को सीवेज लाइन मोड़ने और जल्द से जल्द सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-ngt-stp-8e1d3483
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले के नरवर इलाके में बने धुवाई तालाब को गंदे पानी से बचाने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की भोपाल पीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने नरवर नगर परिषद को निर्देश दिए हैं कि वे तालाब में गंदा पानी जाने के रास्तों को पूरी तरह से बंद करें और समयसीमा के भीतर सीवेज डायवर्जन की योजना को अमलीजामा पहनाएं। इसके साथ ही 2 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण कार्य को भी तय समय सीमा में पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायाधिकरण में हुई सुनवाई और समिति का गठन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा मामला न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ के समक्ष 13 अगस्त को सुनवाई के लिए आया था। नवल किशोर भार्गव बनाम मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य के मामले में यह कार्रवाई की गई है। तालाब के संरक्षण और तकनीकी कार्यों की देखरेख के लिए चार सदस्यों की एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है। इस समिति में लोक निर्माण विभाग, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वेटलैंड अथॉरिटी और वाटर वर्क्स विभाग के अनुभवी सिविल व तकनीकी इंजीनियरों को शामिल किया गया है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचार वार्डों का गंदा पानी पहुंच रहा था तालाब में Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि नरवर के वार्ड नंबर 7, 8, 11 और 12 का बिना उपचारित घरेलू सीवेज एक नाले के रास्ते सीधे धुवाई तालाब में गिर रहा था। वार्ड नंबर 8 में लंबे समय से सीवेज जमा होने के कारण भूजल के दूषित होने, जहरीली गैसें उठने और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने की आशंका जताई गई थी। पूर्व में की गई संयुक्त जांच में भी तालाब के पानी में बारिश के जल के साथ गंदे पानी के मिलने की पुष्टि हो चुकी है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकरण ने स्पष्ट किया है कि गठित की गई तकनीकी समिति आर्द्रभूमि संरक्षण और प्रबंधन नियम, 2017 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा, नगर परिषद और मुख्य नगर पालिका अधिकारी को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे तालाब के जलमग्न क्षेत्र का पक्के मुनारों के जरिए सीमांकन करवाएं। सीमा तय होने के बाद तालाब के चारों तरफ तीन महीने के भीतर स्थानीय और बहुपयोगी पौधे रोपे जाने के भी निर्देश हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इन सभी आदेशों के अनुपालन पर पैनी नजर रखने को कहा गया है। यदि निर्देशों की अवहेलना होती है, तो जल प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम, 1974 के प्रावधानों के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। NGT ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि इस आदेश का उद्देश्य किसी की संपत्ति के मालिकाना हक या व्यक्तिगत अधिकारों पर फैसला देना नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य धुवाई तालाब को प्रदूषण मुक्त करना, उसकी जल संग्रहण क्षमता को बचाना और नागरिकों को पर्यावरणीय खतरों से सुरक्षित रखना है। Add text below Add image below