Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में एक ही परिवार में दो मौतों से कोहराम मच गया। पोते के निधन का सदमा सहन न कर पाने पर दादी की भी सांसें थम गईं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-7-da027621
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र अंतर्गत धामनटूक गांव में एक ही दिन दो लोगों की अर्थियां उठने से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। यहाँ सात साल के पोते की मौत का गहरा सदमा उसकी दादी सहन नहीं कर पाईं और चंद घंटों के भीतर उन्होंने भी दम तोड़ दिया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइकलौते बेटे की असमय मौत से टूटा परिवार Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteधामनटूक निवासी परमाल धाकड़ का सात वर्षीय बेटा अंशुल गाँव के ही स्कूल में चौथी कक्षा में शिक्षा ग्रहण कर रहा था। बालक काफी मेधावी था और नवोदय विद्यालय की प्रवेश परीक्षा की तैयारी में जुटा हुआ था। इसी पढ़ाई के सिलसिले में वह कुछ समय से कोलारस में अपनी दादी शांतिबाई के साथ ही रह रहा था। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअचानक बिगड़ी बालक की तबियत और अस्पताल में तोड़ दिया दम Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबीते शनिवार की सुबह अचानक अंशुल की तबियत खराब हो गई। दादी शांतिबाई ने तत्काल इस बात की सूचना उसके पिता परमाल को दी। परिजन तुरंत कोलारस पहुँचे और बच्चे को लेकर शिवपुरी के एक निजी अस्पताल गए, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बावजूद परिवार को इस अनहोनी पर यकीन नहीं हुआ और वे जिला अस्पताल पहुँचे, जहाँ भी डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबेटे को खोने का गम परिवार बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था। एक रिश्तेदार की सलाह पर परिजन अंतिम प्रयास के रूप में उसे गुना के एक निजी अस्पताल ले जाने लगे। जब वे रास्ते में थे, तभी पोते की हालत से दुखी होकर दादी शांतिबाई की भी तबियत अचानक बहुत बिगड़ गई। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरास्ते में ही दादी ने भी अस्पताल में तोड़ा दम Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपरिजनों ने तुरंत शांतिबाई को बदरवास स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया और बच्चे को लेकर कुछ लोग गुना रवाना हो गए। गुना पहुँचने पर डॉक्टरों ने अंशुल को मृत ही बताया। जब परिजन बच्चे का शव लेकर वापस लौट रहे थे, तभी उन्हें बदरवास से सूचना मिली कि अस्पताल में भर्ती शांतिबाई का भी निधन हो चुका है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएक ही परिवार में दादी और पोते की एक साथ हुई इन दोनों मौतों से पूरे गाँव में मातम पसर गया। बाद में दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया, जिसे देखकर हर किसी की आँखें नम हो गईं। Add text below Add image below