Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी शहर के फतेहपुर क्षेत्र में नाले से निकलकर एक घर के सामने मगरमच्छ आ जाने से हड़कंप मच गया, जिसे वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर चांदपाठा झील में छोड़ दिया। वहीं, झमाझम बारिश के चलते प्रसिद्ध भदैया कुंड का झरना भी इस सीजन में पहली बार प्रवाहित हो गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-6-cae034c6
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले में बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन पर खासा असर देखने को मिला। कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक नाले से निकलकर करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ सीधे रिहायशी इलाके में आ गया। एक स्थानीय घर के ठीक सामने इस खूंखार जीव को देखकर रहवासियों के होश उड़ गए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवन विभाग की टीम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइलाके के लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए घर के बाहर मगरमच्छ की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग और स्थानीय पुलिस को दी। खबर मिलते ही विभागीय अमला दल-बल के साथ मौके पर जा पहुंचा। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सावधानी बरतते हुए इस छह फीट लंबे मगरमच्छ को अपने कब्जे में लिया और सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद वन कर्मियों ने इस जलीय जीव को माधव टाइगर रिजर्व की सीमा में स्थित चांदपाठा झील में ले जाकर छोड़ दिया, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश के दिनों में जलस्रोतों से मगरमच्छों के रिहायशी इलाकों की तरफ आने की घटनाएं अक्सर चिंता का विषय बन जाती हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहली बार बहा भदैया कुंड का प्राकृतिक झरना Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, जिले में हुई अच्छी बारिश का सकारात्मक असर शहर के लोकप्रिय पर्यटन केंद्र भदैया कुंड पर भी साफ नजर आया। मंगलवार की रात से शुरू हुए बारिश के सिलसिले के बाद बुधवार को इस सीजन में पहली बार भदैया कुंड का प्रसिद्ध प्राकृतिक झरना जीवंत हो उठा और उसका पानी कलकल बहने लगा। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलंबे समय से सूखे पड़े या शांत नजर आ रहे इस झरने में जलधारा फूटने के बाद यहां का प्राकृतिक सौंदर्य देखते ही बन रहा है। मौसम के मिजाज को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बारिश का यह दौर आगे भी जारी रहा, तो झरने का वेग और अधिक बढ़ जाएगा। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमौसम विभाग का अलर्ट और बारिश के आंकड़े Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमौसम विभाग ने आने वाले शुक्रवार को शिवपुरी जिले में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने नदी, नालों और झरनों के आसपास के इलाकों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभू-अभिलेख विभाग से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, इस मानसूनी सीजन में अब तक शिवपुरी जिले में कुल 445.49 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। पिछले साल इसी समयावधि तक जिले में औसतन 1050.76 मिमी पानी गिरा था, जबकि जिले की कुल सामान्य औसत बारिश 816.3 मिमी है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से हो रही वर्षा के कारण अब जलस्रोतों में पानी की आवक में सुधार होने लगा है। Add text below Add image below