Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी में शहरी आवास योजना के निर्माण कार्य में लगे करीब 180 मजदूरों को डेढ़ महीने से पारिश्रमिक नहीं मिला है। भुगतान अटकने से परेशान श्रमिकों ने सोमवार शाम को बैंक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-180-855b9c96
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी शहर के मेडिकल कॉलेज के पीछे चल रहे शहरी आवास योजना के निर्माण कार्य से जुड़े लगभग 180 श्रमिकों को पिछले डेढ़ महीने से पारिश्रमिक नहीं दिया गया है। अपनी रुकी हुई मजदूरी की मांग को लेकर सभी मजदूर सोमवार शाम को स्थानीय एक्सिस बैंक की शाखा पहुंचे और वहां विरोध जताया। श्रमिकों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा उन्हें लगातार भुगतान के नाम पर टाला जा रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteठेकेदार पर लगा रहे हैं टालमटोल का आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदमोह जिले के निवासी श्रमिक कन्हैया लाल राठौर ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि वे सब ठेकेदार गुलशन जैन के अंतर्गत इस आवासीय कॉलोनी में मेहनत-मजदूरी का काम कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि बीते डेढ़ माह से उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला है। जब भी वे ठेकेदार से पैसों की मांग करते हैं, तो आगे से बैंक में राशि ट्रांसफर न होने का हवाला दिया जाता है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quote92 लाख रुपए की राशि का भुगतान अटका Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रोजेक्ट डायरेक्टर रूपेश ठाकुर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि इन श्रमिकों के पारिश्रमिक के लिए 20 जुलाई को ही बैंक में लगभग 92 लाख रुपए की राशि एनईएफटी के जरिए जमा करा दी गई थी। इसके बावजूद तकनीकी या अन्य प्रशासनिक कारणों से यह रकम अब तक मजदूरों के खातों तक नहीं पहुंच पाई है, जिससे इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले सभी 180 मजदूर प्रभावित हैं। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरूपेश ठाकुर के मुताबिक, बैंक प्रबंधन ने पहले यह कहा था कि सीएमओ के हस्ताक्षर से जुड़ी कोई तकनीकी दिक्कत है। इस सिलसिले में बैंक अधिकारियों से बातचीत भी की गई, लेकिन अब तक मामले का कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहस्ताक्षर अपडेट होने के बाद भी नहीं हुआ निबटारा Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, सीएमओ यशवंत राठौर का पक्ष है कि बैंक की तरफ से पूर्व में हस्ताक्षर अपडेट न होने की बात कही गई थी, जिसके बाद उन्होंने करीब 10 दिन पहले ही अपने हस्ताक्षर बैंक में अपडेट करवा दिए थे। इसके बावजूद मजदूरों का पैसा उनके खातों में ट्रांसफर नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को वे खुद बैंक शाखा जाकर प्रबंधन से चर्चा करेंगे ताकि इस अवरोध को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेज के पीछे कुल 1030 आवासों का निर्माण करने की यह महत्वाकांक्षी योजना लगभग एक दशक पहले शुरू हुई थी। धीमी रफ्तार के कारण आज भी इसमें करीब 350 मकानों का काम अधूरा पड़ा है, और माना जा रहा है कि भुगतान से जुड़ी ऐसी अड़चनें भी इस लेटलतीफी की एक बड़ी वजह हैं। Add text below Add image below