Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर जिले के ढोटी क्षेत्र में सोमवार को सैकड़ों किसानों ने चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पानी की मांग को लेकर पांच घंटे तक धरना दिया। खरीफ फसलों की सिंचाई संकट से जूझ रहे किसानों ने कोटा बैराज से तत्काल जल आपूर्ति की अपील की।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-fcff28ab
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले के ढोटी इलाके में सोमवार को खरीफ फसलों की सिंचाई के लिए पानी की कमी से परेशान किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पानी छोड़ने की मांग को लेकर सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक, यानी पूरे पांच घंटे तक, सैकड़ों किसान धरने पर बैठे रहे। उन्होंने कोटा बैराज से तुरंत पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफसलों पर गहराया संकट Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने बताया कि क्षेत्र में इस बार कम बारिश हुई है और बिजली की कटौती भी लगातार जारी है, जिससे खरीफ की फसलें सूखने की कगार पर हैं। जिन किसानों ने धान की रोपाई कर दी है, उनकी फसलें पानी के अभाव में मुरझा रही हैं। इसके साथ ही, सोयाबीन और अन्य फसलों की बुवाई भी सूखे के कारण बुरी तरह प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि अगर जल्द पानी नहीं मिला तो उनकी मेहनत बर्बाद हो जाएगी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन पर अनदेखी और भेदभाव का आरोप Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों ने प्रशासन पर उनकी समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि 10 जुलाई को भी कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर पानी की गुहार लगाई गई थी, लेकिन चंबल मुख्य दाहिनी नहर में अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है। किसानों ने यह भी कहा कि गांधी सागर बांध से राजस्थान के बूंदी और कोटा जिलों को पानी मिल चुका है, जबकि श्योपुर के किसान पानी के लिए तरस रहे हैं। इसे किसानों ने अपने साथ सरासर अन्याय और भेदभाव करार दिया। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteधरना स्थल पर पहुंचे जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री चैतन्य चौहान ने किसानों को समझाने का प्रयास किया। उन्होंने विभाग द्वारा 10 और 13 जुलाई को कलेक्टर के माध्यम से सरकार को भेजे गए पत्रों को किसानों के सामने प्रस्तुत किया। यंत्री चौहान ने आश्वासन दिया कि नहर में जल्द से जल्द पानी लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआंदोलन की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक बृजराज सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और तुरंत प्रदेश के सिंचाई मंत्री तुलसी सिलावट तथा जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से फोन पर बात की। पूर्व विधायक ने नहर में तत्काल पानी छोड़ने के लिए दबाव बनाया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteउग्र आंदोलन की चेतावनी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के समापन पर किसानों ने एक बार फिर चंबल मुख्य दाहिनी नहर में शीघ्र पानी छोड़ने की मांग दोहराई और कार्यपालन यंत्री को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसान नेता राधेश्याम मीणा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोटा बैराज से पानी तुरंत नहीं छोड़ा गया, तो उनकी फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही पानी की व्यवस्था नहीं हुई, तो किसान एकजुट होकर चरणबद्ध तरीके से बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। Add text below Add image below