Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर जिले के बालापुरा गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के चलते परिजनों को गंभीर परेशानियों के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ा। श्मशान तक पक्का रास्ता न होने और टीनशेड न होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-dadc5d04
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले के अंतर्गत आने वाली काशीपुरा पंचायत के बालापुरा गांव में व्यवस्थाओं की बड़ी कमी देखने को मिली है। यहां सांप के काटने से जान गंवाने वाले रामनरेश गुर्जर के अंतिम संस्कार के दौरान परिजनों को बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकीचड़ और खेतों से गुजरानी पड़ी अर्थी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल से जब रामनरेश का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो अचानक मौसम खराब हो गया और बारिश शुरू हो गई। श्मशान घाट तक जाने के लिए कोई पक्का मार्ग या सड़क नहीं है, जिसके कारण ग्रामीणों और शोकाकुल परिजनों को मजबूरी में खेतों के बीच से और घुटनों तक भरे कीचड़ से होते हुए अर्थी को कंधों पर ले जाना पड़ा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteटीनशेड के अभाव में भीग गई चिता की लकड़ी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगांव के श्मशान घाट पर टीनशेड या किसी अन्य प्रकार की छत की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण बारिश के बीच चिता की लकड़ियां पूरी तरह से गीली हो गईं। स्थिति इतनी विकट हो गई कि परिजनों को काफी देर तक बारिश थमने का इंतजार करना पड़ा। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगीली लकड़ियों के चलते अंततः परिजनों को लकड़ी पर डीजल छिड़कना पड़ा, तब जाकर कहीं अग्नि प्रज्वलित हो सकी और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सकी। इस अमानवीय हालात ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों में रोष, प्रशासन से लगाई गुहार Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबारिश के मौसम में बालापुरा के निवासियों को हर बार इस प्रकार की गंभीर समस्याओं से जूझना पड़ता है, जिसे लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने जिला प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों से मांग की है कि जल्द से जल्द श्मशान घाट तक पक्के रास्ते का निर्माण कराया जाए और टीनशेड जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। Add text below Add image below