Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर जिले के बड़ौदा में धान की फसल के लिए पानी की मांग को लेकर किसानों ने हाईवे पर जाम लगाया। प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर नहरों में पानी छोड़ने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-ab46f69b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंचल के किसानों की सिंचाई समस्याओं को लेकर मंगलवार को बड़ौदा इलाके में जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। चंबल मुख्य दाहिनी नहर में जलप्रवाह बहाल करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अन्नदाता सड़कों पर उतर आए और श्योपुर-बारां हाईवे को जाम कर दिया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसिंचाई के अभाव में संकट में पड़ी धान की फसल Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा विरोध प्रदर्शन किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला के नेतृत्व में चंबल नहर के मूंडला पॉइंट के पास आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पूर्व में हुए आंदोलनों के बाद नहर में पानी छोड़ा जरूर गया था, जिसे बाद में बंद कर दिया गया। इस समय खेतों में खड़ी धान की फसल को पानी की बेहद आवश्यकता है और सिंचाई साधन न मिलने से फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने की मांग Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों ने मांग उठाई है कि मुख्य नहर में कम से कम 3200 क्यूसेक पानी छोड़ा जाए। साथ ही इसकी सभी उपशाखाओं, माइनरों और वितरिकाओं में भी सुचारू रूप से जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि पानी नहर के अंतिम छोर तक बैठे हर एक किसान के खेत तक पहुंच सके। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। बड़ौदा के नायब तहसीलदार शैलेंद्र देव सिंह सेंगर और सिंचाई विभाग के एसडीओ शुभम अग्रवाल को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें जिले के हिस्से का पानी प्राथमिकता के आधार पर वितरित करने की गुहार लगाई गई है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन को मिला तीन दिन का अल्टीमेटम Add text below Add image below08Quote Paragraph Heading Subheading Quoteयदि तीन दिन के भीतर कोटा बैराज से पानी छोड़कर नहर को पूरी क्षमता से चालू नहीं किया गया, तो किसान महापड़ाव डालकर पक्का और अनिश्चितकालीन चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसान नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि फसल बचाने के लिए उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मांग पूरी नहीं होती। Add text below Add image below