Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryचंबल नहर में पानी और खाद की मांग को लेकर किसानों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के बाहर तीन घंटे तक धरना दिया। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे शनिवार से चक्का जाम करेंगे।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-4379a4a5
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्ट्रेट गेट पर तीन घंटे तक डटे रहे अन्नदाता Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले में सिंचाई के लिए पानी और खेती किसानी के वास्ते खाद की किल्लत से परेशान किसानों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने स्थानीय कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ यह धरना दोपहर 3 बजे तक चला, जिसमें किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाई। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसिंचाई और बुवाई पर मंडरा रहा संकट Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंडला ने बताया कि चंबल मुख्य दाहिनी नहर (आरएमसी) में समय पर पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे धान की फसल जो कि पकने की आखिरी अवस्था में है, उसे भारी नुकसान की आशंका है। इसके अलावा आगामी रबी सीजन के तहत सरसों की बुवाई के लिए खेतों में पलेवा करने का काम भी पिछड़ रहा है। किसानों ने मांग की है कि आरएमसी नहर में जल्द से जल्द पर्याप्त पानी छोड़ा जाए ताकि फसलों को बचाया जा सके। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखाद की कालाबाजारी रोकने और अटैचमेंट खत्म करने की मांग Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअन्नदाताओं ने डीएपी और यूरिया की उपलब्धता को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने मांग की कि किसानों को तय दरों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मिलने चाहिए। साथ ही, खाद के साथ अन्य कृषि उत्पाद जबरन थमाने यानी अटैचमेंट की प्रथा पर तुरंत रोक लगाई जाए। किसानों ने जिले में खाद की कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quote10 घंटे बिजली आपूर्ति की रखी मांग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteधरने की सूचना मिलने पर एसडीएम बीएस श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर विजय शाक्य के अलावा जल संसाधन विभाग और खाद वितरण महकमे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। इस दौरान किसानों ने कृषि कार्यों के वास्ते प्रतिदिन 10 घंटे निर्बाध बिजली देने की मांग भी प्रमुखता से रखी। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशनिवार से चक्का जाम की चेतावनी Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों के समक्ष अपनी सभी मांगें रखने के बाद किसानों ने दो टूक कह दिया कि यदि समय रहते समस्याओं का ठोस समाधान नहीं निकाला गया, तो वे शनिवार, 10 अक्टूबर से सड़कों पर उतरकर चक्का जाम आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। Add text below Add image below