Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर श्योपुर तहसील के सभी पटवारी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस विरोध प्रदर्शन के चलते जिलेभर में नामांतरण, सीमांकन और फसल गिरदावरी जैसे महत्वपूर्ण राजस्व कार्य प्रभावित होने की आशंका है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-314e63b3
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले में अपनी विभिन्न लंबित मांगों के समर्थन में पटवारियों ने मोर्चा खोल दिया है। मध्य प्रदेश पटवारी संघ की स्थानीय तहसील इकाई के बैनर तले सभी पटवारी सोमवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे प्रशासनिक और राजस्व कामकाज पूरी तरह ठप होने के आसार बन गए हैं। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहड़ताल पर जाने से पहले पटवारी संघ की ओर से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदार को लिखित सूचना सौंप दी गई थी। संघ के तहसील अध्यक्ष अशोक बिसारिया और सचिव विवेक जाटव का कहना है कि लंबे समय से चली आ रही मांगों को लेकर शासन स्तर पर कई बार ज्ञापन और विरोध प्रदर्शन किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteये हैं मुख्य मांगें Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपटवारियों की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू को जल्द लागू करना, समयमान वेतनमान और पदोन्नति का लाभ देना, तथा लंबे समय से अटके मानदेय एवं विभिन्न योजनाओं के भुगतानों का निपटारा शामिल है। इसके साथ ही, न्यायालयीन मामलों में पटवारियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई की व्यवस्था में सुधार लाने और स्थानांतरण नीति के नियमों के विरुद्ध जाकर संघ के पदाधिकारियों के किए गए तबादलों को रद्द करने की मांग भी उठाई गई है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया विरोध Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपनी मांगों के समर्थन में पटवारियों ने यह कदम उठाने से पहले चरणबद्ध आंदोलन चलाया था। विरोध की शुरुआत 20 से 23 जुलाई तक काली पट्टी बांधकर की गई थी। इसके पश्चात 24 से 27 जुलाई के बीच शासकीय व्हाट्सएप और अन्य डिजिटल समूहों से दूरी बनाई गई। वहीं 28 जुलाई से 2 अगस्त तक वेबजीआईएस तथा सारा ऐप समेत सभी प्रकार के ऑनलाइन कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार किया गया था। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस हड़ताल के कारण आम जनता और किसानों को नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी और राजस्व दस्तावेजों के अद्यतन जैसे जरूरी कार्यों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं करती है, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। Add text below Add image below