Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर जिले में एक सात वर्षीय बच्ची से छेड़छाड़ और लैंगिक हमले के मामले में स्थानीय अदालत ने 62 वर्षीय बुजुर्ग को दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसने बच्ची को पांच रुपये का लालच देकर अपने कमरे में ले जाकर वारदात को Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-62-10-5-83687262
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर की एक अदालत ने सात वर्षीय मासूम बच्ची से छेड़छाड़ और लैंगिक हमले के एक गंभीर मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश बबीता होरा की अदालत ने 62 वर्षीय प्रहलाद आदिवासी को दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या था पूरा मामला? Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविशेष अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह घटना 27 मार्च 2026 की सुबह करीब 7 बजे की है। ग्राम कुड़ायथा निवासी प्रहलाद आदिवासी ने अपने घर के बाहर खेल रही सात वर्षीय बच्ची को पांच रुपये का लालच दिया। लालच देकर वह बच्ची को फुसलाकर अपने घर के एक कमरे में ले गया, जहां उसने मासूम के साथ अश्लील हरकतें कीं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआरोपी के चंगुल से छूटने के बाद, डरी हुई बच्ची तुरंत रोते हुए अपनी मां के पास पहुंची और उसे पूरी आपबीती सुनाई। दोपहर में जब बच्ची के पिता मजदूरी से लौटे, तो उन्हें भी इस घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद, माता-पिता पीड़ित बच्ची को लेकर बड़ौदा थाने पहुंचे और आरोपी प्रहलाद आदिवासी के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस की कार्रवाई और अदालत का रुख Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस ने शिकायत के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी प्रहलाद पुत्र नैनगा आदिवासी (62) निवासी ग्राम कुड़ायथा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर जांच पूरी की गई और न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद प्रहलाद आदिवासी को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 127 (2) के तहत छह माह के सश्रम कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अतिरिक्त, BNS 2023 की धारा 65 (2)/62 के तहत दस वर्ष के सश्रम कारावास और चार हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। Add text below Add image below08Quote Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "पीड़ित बच्ची की उम्र 12 वर्ष से कम थी और उस पर बलात्कार के प्रयास के साथ-साथ गंभीर लैंगिक हमला किया गया था, जो अक्षम्य है। ऐसे घृणित और अमानवीय अपराधों की सभ्य समाज में कोई जगह नहीं हो सकती। जब एक मासूम और अबोध बच्ची के साथ ऐसा कृत्य किया जाता है, तो यह न केवल उस बच्ची के मानसिक और शारीरिक अस्तित्व को छलनी करता है, बल्कि पूरे समाज की चेतना को झकझोर देता है।" Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय ने आगे कहा कि ऐसे मामलों में अदालत का यह त्वरित और कठोर फैसला समाज में एक कड़ा संदेश देगा और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करेगा। यह निर्णय समाज में बाल अपराधों के प्रति बढ़ती चिंता और न्यायपालिका की दृढ़ता को दर्शाता है। Add text below Add image below