Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर जिले के बड़ौदा में जर्जर हो चुके एससी-एसटी छात्रावास की छत ढह गई है, जिससे वहां रह रहे छात्रों की जान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। नया भवन बनकर तैयार होने के बावजूद छात्रों को पुराने और जोखिम भरे कमरों में रहना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-50-af6cf3be
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले के बड़ौदा क्षेत्र स्थित रतोदन रोड पर संचालित अनुसूचित जाति-जनजाति (एससी-एसटी) छात्रावास की इमारत इस समय बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच चुकी है। स्थिति इतनी खतरनाक हो गई है कि इस हॉस्टल के एक कमरे की छत पहले ही भरभराकर गिर चुकी है, जबकि अन्य कमरों की दीवारें और छतें भी जगह-जगह से जर्जर हो रही हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजान जोखिम में डालकर रहने को विवश हैं विद्यार्थी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस खतरनाक इमारत में वर्तमान में 50 से अधिक छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर रहने को मजबूर हैं। हालात का जायजा लेने पहुंचे किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने बताया कि छात्रों की सूचना पर उन्होंने हॉस्टल का निरीक्षण किया, जहां कमरों की हालत वाकई डरावनी मिली। इसके अलावा, छात्रों के उपयोग के लिए बने बाथरूम और शौचालयों की स्थिति भी बदतर हो चुकी है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायत करने पर घर भेज दिए जाते हैं छात्र Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteछात्रों का यह भी आरोप है कि जब वे इस जर्जर व्यवस्था और सुरक्षा के मुद्दों को लेकर छात्रावास अधीक्षक के सामने अपनी बात रखते हैं, तो उन्हें समस्याओं का समाधान करने के बजाय घर वापस लौटने का दबाव बनाया जाता है। बरसात के मौसम में या सुरक्षा का हवाला देकर अक्सर छात्रों को उनके गांवों भेज दिया जाता है, जिसके कारण उनकी नियमित पढ़ाई बाधित होती है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतैयार है नया भवन, फिर भी नहीं हो रही शिफ्टिंग Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसबसे हैरानी की बात यह है कि बड़ौदा के वार्ड नंबर 11 में एससी-एसटी वर्ग के छात्रों के लिए एक नया छात्रावास भवन पूरी तरह से बनकर तैयार खड़ा है। इसके बावजूद विद्यार्थियों को इस जानलेवा पुराने भवन में रखा जाना प्रशासनिक उदासीनता को साफ दर्शाता है। छात्रों ने जिला प्रशासन से तत्काल नए भवन में शिफ्ट किए जाने की गुहार लगाई है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteछात्रावास अधीक्षक ओमप्रकाश सिसोदिया ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि नए भवन में शिफ्टिंग को लेकर उच्च अधिकारियों को पहले ही सूचित किया जा चुका है और उम्मीद है कि जल्द ही नया परिसर मिल जाएगा। वहीं, इस संबंध में जब एसी राकेश गुप्ता से संपर्क साधने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं किया। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने नहीं सुनी तो होगा बड़ा आंदोलन Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसान नेता राधेश्याम मीणा ने कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन को चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि छात्रों को शीघ्र ही सुरक्षित नए छात्रावास में स्थानांतरित नहीं किया गया, तो विद्यार्थियों को साथ लेकर उग्र आंदोलन किया जाएगा। Add text below Add image below