Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल अंचल के कूनो नेशनल पार्क में चीतों का कुनबा विस्तार देने की तैयारी तेजी से चल रही है। पार्क प्रशासन का लक्ष्य इस साल चीतों की संख्या को 49 से बढ़ाकर 80 तक पहुंचाने का है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-49-80-a40b79b8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकूनो में चीतों की संख्या बढ़ाने का बड़ा लक्ष्य Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीतों की आबादी को बढ़ाने के लिए वन विभाग ने कार्ययोजना तैयार की है। वर्तमान में पार्क के भीतर कुल 49 चीते मौजूद हैं, और इस साल इस संख्या को 80 तक ले जाने का स्पष्ट लक्ष्य तय किया गया है। इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए मुख्य रूप से नए शावकों के जन्म पर जोर दिया जा रहा है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइन 10 मादा चीतों से बंधी हैं उम्मीदें Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन की रणनीति के अनुसार, पार्क की 10 मादा चीतों से इस वर्ष नए शावकों के जन्म की प्रबल संभावना है। इनमें हाल ही में बोत्सवाना से लाई गईं 6 मादा चीते भी शामिल हैं। इसके अलावा भारत की धरती पर जन्मी दो युवा मादाएं भी अब प्रजनन के लिए तैयार हैं। साथ ही, अपने पिछले शावकों से अलग हो चुकीं वीरा और निर्वा नामक मादाओं के भी दोबारा मां बनने की उम्मीद जताई जा रही है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, कूनो में मौजूद चार अन्य मादा चीते—ज्वाला, आशा, गामिनी और मुखी—फिलहाल अपने छोटे शावकों की देखभाल में जुटी हैं। इन शावकों की उम्र एक साल से कम होने के कारण, नियमानुसार इन चारों मादाओं को अगले सात से आठ महीने तक अपने बच्चों के साथ ही रहना होगा। इस वजह से इस वर्ष इनसे नए प्रसव की संभावना नहीं है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचार साल का सफर और अब तक की स्थिति Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभारत में चीता पुनर्स्थापना प्रोजेक्ट को शुरू हुए चार साल पूरे हो चुके हैं। इस अवधि के दौरान बाहर से लाए गए 26 चीतों से कुल संख्या बढ़कर 52 तक पहुंची थी। हालांकि, इस पूरे सफर में 25 चीतों की मौत भी हुई है, जिनमें 9 विदेशी और शेष भारत में जन्मे चीते शामिल हैं। वर्तमान में देश की जमीन पर कुल 32 भारतीय जन्मे चीते दौड़ रहे हैं, जिनमें नामीबियाई मूल के 22 और दक्षिण अफ्रीकी मूल के 10 शावक भी शामिल हैं। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञों का मानना है कि कूनो प्रबंधन के सामने केवल संख्या को 49 से 80 तक पहुंचाने का ही नहीं, बल्कि चुनिंदा मादाओं के जरिए जन्म लेने वाली नई पीढ़ी को सुरक्षित रखने की भी बड़ी चुनौती होगी। Add text below Add image below