Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryयूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 के विरोध में श्योपुर जिले के कराहल में सवर्ण महासभा द्वारा एक आक्रोश रैली निकाली गई। इसके पश्चात संगठन के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर नियमों में संशोधन और आरक्षण के आधार पर नई मांगें रखीं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-2026-4b8553ac
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले के कराहल कस्बे में मंगलवार को सवर्ण महासभा के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए एक रैली निकाली और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनए प्रावधानों से भेदभाव और भय का माहौल बनने की आशंका Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए बनाए गए इन नए नियमों से शैक्षणिक परिसरों में आपसी सद्भाव बिगड़ने और जातिगत दूरियां बढ़ने का अंदेशा है। संगठन ने यह भी आशंका जताई कि इन प्रावधानों का दुरुपयोग हो सकता है, जिससे विद्यार्थियों में अनावश्यक डर पैदा होगा। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंगठन ने मांग उठाई कि किसी भी छात्र अथवा छात्रा के विरुद्ध आने वाली हर शिकायत पर बिना पुख्ता सबूत के त्वरित कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि यदि कोई शिकायत दुर्भावनापूर्ण या झूठी पाई जाती है, तो ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता के खिलाफ भी दंड का प्रावधान तय किया जाना चाहिए ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसंविधान के समानता के अधिकारों की रक्षा की गुहार Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति के समक्ष यह पक्ष रखा गया कि यूजीसी के इस नए रेगुलेशन को पूरी तरह से वापस लिया जाए। महासभा ने जोर देकर कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों के भीतर समानता का भाव बनाए रखना जरूरी है और इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 में प्रदत्त अधिकारों की पूरी सुरक्षा होनी चाहिए। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआर्थिक स्थिति को आरक्षण का आधार बनाने की उठी मांग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस प्रदर्शन के दौरान आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की सुई भी उठाई गई। महासभा के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आरक्षण का पैमाना केवल जातिगत नहीं होना चाहिए, बल्कि व्यक्ति की आर्थिक स्थिति और उसकी वास्तविक जरूरत को इसका मुख्य आधार बनाया जाना चाहिए। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंगठन ने आगे मांग की कि जो परिवार पहले ही आरक्षण का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से संपन्न हो चुके हैं, उन्हें इस दायरे से बाहर रखा जाए। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर छात्रहित और देश के शिक्षित युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की गई। Add text below Add image below