Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryकूनो नेशनल पार्क की दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता निर्वा को शिवपुरी जिले से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। 20 अगस्त को शावकों से बिछड़ने के बाद से सैटेलाइट कॉलर खराब होने के कारण उसकी तलाश की जा रही थी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-13-afef92cc
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकूनो नेशनल पार्क से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पार्क की दक्षिण अफ्रीकी मादा चीता 'निर्वा' को बुधवार को शिवपुरी जिले के एक ग्रामीण इलाके से सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है। पिछले 13 दिनों से वन विभाग की टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थीं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote20 अगस्त को शावकों से हो गई थी अलग Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह मादा चीता गत 20 अगस्त को अपने शावकों से बिछड़ गई थी। इसके बाद से ही उसका कोई सटीक ठिकाना नहीं मिल पा रहा था। समस्या तब और बढ़ गई जब निर्वा के गले में बंधे सैटेलाइट कॉलर में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे उसकी रियल-टाइम लोकेशन मिलना बंद हो गई थी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचलाया गया व्यापक सर्च अभियान Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचीता निर्वा को ढूंढने के लिए वन विभाग ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। जंगल और आसपास के इलाकों में हर रोज पांच विशेष सर्च टीमें उतारी गई थीं। इन टीमों में जिम्मेदार अधिकारियों के अलावा 50 से अधिक वनकर्मी और अनुभवी चीता ट्रैकर दिन-रात गश्त कर रहे थे। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअभियान को सफल बनाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों का भी पूरा सहयोग लिया गया। ग्रामीणों को चीता निर्वा के हुलिए और उसकी गतिविधियों की जानकारी दी गई थी, ताकि कहीं भी मूवमेंट दिखने पर तुरंत सूचना मिल सके। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरेडियो सिग्नल की मदद से हुई पहचान Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबुधवार को वन विभाग को ग्रामीण क्षेत्र के पास किसी बड़े वन्यजीव के मूवमेंट की खबर मिली। सूचना मिलते ही सर्च टीमें बिना देर किए बताए गए स्थान पर पहुंच गईं। वहां रेडियो सिग्नल की मदद से जानवर की पहचान की गई, जिससे यह पुष्टि हो गई कि वह मादा चीता निर्वा ही है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसफलतापूर्वक रेस्क्यू करने के बाद वन विभाग ने राहत की सांस ली है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान निर्वा के उस खराब कॉलर को भी बदल दिया गया है जो काम नहीं कर रहा था। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मादा चीता निर्वा पूरी तरह स्वस्थ है और उसकी शारीरिक स्थिति सामान्य बनी हुई है। लंबे समय तक चली तलाश के बाद उसके सुरक्षित मिल जाने से वन्यजीव प्रेमियों और वन विभाग के अमले में खुशी की लहर दौड़ गई है। Add text below Add image below