Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryकलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन ने मुख्य बाजार चौपड़ स्थित ऐतिहासिक और असुरक्षित भवन को खाली करा लिया है। नोटिस की अवधि पूरी होने के बावजूद कब्जा नहीं हटाने पर यह सख्त कार्रवाई की गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-108-dd67d61c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमुख्य बाजार में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर शहर के मुख्य बाजार चौपड़ पर गणेशजी मंदिर के निकट स्थित पुलिस विभाग की सरकारी संपत्ति को बुधवार को जिला प्रशासन ने बलपूर्वक खाली कराया। कलेक्टर शीला दाहिमा के स्पष्ट आदेश मिलने के बाद राजस्व विभाग, स्थानीय पुलिस और नगर पालिका परिषद की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और यह कार्रवाई पूरी की। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष 1918 का बना है यह पुराना भवन Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक सर्वे नंबर 924 में बना यह भवन साल 1918 का है, जो अब 108 वर्ष पुराना हो चुका था। यह इमारत काफी समय से बेहद जर्जर स्थिति में थी और तकनीकी परीक्षण के बाद इसे असुरक्षित घोषित कर दिया गया था। आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार इस भवन को गिराए जाने की अनुमति वर्ष 2021 में ही जारी कर दी गई थी, इसके बावजूद यहां व्यावसायिक गतिविधि संचालित हो रही थी। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकब्जाधारी की अपील हुई खारिज Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले में दुकान काबिज करने वाले रमेशचंद मित्तल ने प्रशासन के समक्ष याचिका लगाई थी। उन्होंने अपने निजी खर्च पर भवन की मरम्मत कराकर कारोबार जारी रखने की मांग की थी और तर्क दिया था कि उनका परिवार इसी दुकान के सहारे आजीविका चला रहा है तथा वे नियमित रूप से किराया दे रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद उनकी यह अपील अस्वीकार कर दी। Add text below Add image below07Quote Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने स्पष्ट किया कि केवल किराया चुकाते रहने से किसी को भी खतरनाक हो चुकी सरकारी संपत्ति पर वैध कब्जा बनाए रखने का कानूनी अधिकार नहीं मिल जाता। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर द्वारा सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए जर्जर दुकान को सात दिनों के भीतर पूरी तरह खाली करने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समयसीमा में जगह खाली न होने पर मध्य प्रदेश लोक परिसर (बेदखली) अधिनियम 1974 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई अमल में लाई गई। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्रवाई के दौरान तहसीलदार दीपेश धाकड़, एसडीओपी राजीव गुप्ता समेत राजस्व, पुलिस और नगर पालिका के तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी भारी बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। Add text below Add image below