Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से लगे चंबल अंचल में अवैध रेत परिवहन और खनन को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। वन विभाग द्वारा टिकरी-रिठौरा क्षेत्र में एआई तकनीक से लैस टॉवर तैयार कर लिया गया है जो रात के अंधेरे में भी संदिग्ध गतिविधियों की सटीक जानकारी देगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-fe35c22d
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचंबल नदी के घाटों पर रात के वक्त सक्रिय रहने वाले अवैध रेत माफियाओं पर नकेल कसने के लिए वन विभाग ने कमर कस ली है। अब पारंपरिक गश्त के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित कैमरों की मदद ली जाएगी, जिससे रात के अंधेरे में भी वाहनों और मशीनों की आवाजाही छुप नहीं सकेगी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteटिकरी-रिठौरा में 45 मीटर ऊंचा टॉवर तैयार Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमप्र वन विभाग की ओर से टिकरी-रिठौरा इलाके में करीब 45 से 50 मीटर ऊंचा टॉवर खड़ा किया गया है। इस टॉवर पर हाई-रेंज कैमरे लगाए गए हैं जो लगभग पांच किलोमीटर के दायरे में होने वाली हलचल को स्वतः भांप लेंगे। जैसे ही कोई वाहन या मशीन नदी के पास पहुंचेगी, सिस्टम तुरंत उसकी तस्वीरें और जीपीएस लोकेशन कैप्चर कर लेगा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीधे अफसरों के पास पहुंचेगा अलर्ट Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अत्याधुनिक व्यवस्था के तहत कैमरे द्वारा ली गई तस्वीरें और लोकेशन सीधे तौर पर डीएफओ और अभयारण्य अधीक्षक के मोबाइल या कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। इस तकनीक के शुरू होने से उन मामलों में भी प्रभावी कार्रवाई हो सकेगी जो रात के समय अंधेरे का लाभ उठाकर अंजाम दिए जाते हैं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराजस्थान सीमा से भी होगी निगरानी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचंबल के राजघाट पर नदी का भौगोलिक मोड़ ऐसा है कि वहां मप्र की तरफ से स्थापित टॉवर से पूरी मुस्तैदी के साथ निगरानी रखना संभव नहीं था। इसे देखते हुए मप्र ने राजस्थान सीमा में टॉवर लगाने की अनुमति मांगी थी, जिसके बाद राजस्थान वन विभाग ने खुद अपने छोर पर टॉवर लगाकर इस संवेदनशील क्षेत्र पर नजर रखने और मप्र के अधिकारियों को सूचना देने का निर्णय लिया है। उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के पालन में तीनों राज्यों—मप्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश—द्वारा यह निगरानी तंत्र विकसित किया जा रहा है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान के अनुसार टिकरी-रिठौरा में उनका टॉवर पूरी तरह बनकर तैयार है और सॉफ्टवेयर इंस्टॉलेशन तथा ट्रायल पूरा होने के बाद इसे आगामी एक-दो दिन में पूरी तरह से सक्रिय कर दिया जाएगा। Add text below Add image below