Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के रामपुर कलां गांव में सरकारी नल-जल योजना के अभाव में करीब 17 हजार लोग निजी बोरवेल के सहारे जीवन गुजार रहे हैं। पानी की आपूर्ति के लिए ग्रामीणों को हर महीने तय शुल्क का भुगतान करना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-ea99d117
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल आंचल के मुरैना जिले के अंतर्गत आने वाले रामपुर कलां क्षेत्र में पेयजल की किल्लत स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। यहां सरकारी स्तर पर स्थायी जल आपूर्ति की व्यवस्था न होने के कारण करीब 17 हजार की आबादी पूरी तरह एक निजी बोरवेल पर निर्भर है। स्थिति यह है कि पिछले 12 वर्षों से लोग अपने घरों की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए इसी निजी स्रोत से पानी खरीद रहे हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखंभों और दीवारों से गुजरता पानी का नेटवर्क Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगांव की गलियों में प्रवेश करते ही इस अनोखी निजी व्यवस्था का जाल साफ नजर आता है। घरों तक पानी पहुंचाने के लिए बिजली के खंभों, मकानों की दीवारों और बालकनियों के सहारे काली पाइपलाइनें बिछाई गई हैं। हालांकि कई जगहों पर पाइपों में लीकेज भी देखा जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद यही नेटवर्क ग्रामीणों के लिए पानी का एकमात्र सहारा बना हुआ है। गांव में लगे कुछ हैंडपंप या तो खराब हैं या उनसे पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसमय के हिसाब से तय है पानी का मासिक शुल्क Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस निजी बोरवेल के संचालक मोनू धाकड़ के अनुसार, उनके पिता ने यह बोर कृषि कार्य के लिए कराया था जिसमें प्रचुर मात्रा में पानी निकला। बाद में खेती बंद हो जाने पर आसपास के घरों की जल आवश्यकता को देखते हुए पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई। वर्तमान में इस व्यवस्था के तहत आधे घंटे की दैनिक जल आपूर्ति के लिए 200 रुपए और एक घंटे की सप्लाई के लिए 400 रुपए प्रतिमाह वसूले जाते हैं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलंबे समय से चली आ रही इस समस्या को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान नेता पेयजल का मुद्दा जोर-शोर से उठाते हैं, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं, इस मामले पर जिला पंचायत सीईओ कमलेश भार्गव का कहना है कि रामपुर क्षेत्र में पानी की समस्या संज्ञान में है। प्रशासन की एक टीम भेजकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया जाएगा और आवश्यकतानुसार नए बोर कराने के साथ ही बंद पड़े स्रोतों की जांच कराकर समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। Add text below Add image below