Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के सबलगढ़ सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण रोजाना आने वाले सैंकड़ों मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के सभी पद खाली पड़े हैं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी छह साल से बनी हुई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-d8191096
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंचल के बड़े स्वास्थ्य केंद्रों में शुमार सबलगढ़ सिविल अस्पताल इन दिनों गंभीर डॉक्टर कमी के दौर से गुजर रहा है। स्वास्थ्य विभाग के नए आदेशों के बाद अस्पताल में सेवाएं दे रहे कुछ चिकित्सकों को उनके मूल पदस्थापना स्थलों पर वापस भेज दिया गया है, जिससे व्यवस्थाएं और अधिक चरमरा गई हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमेडिकल ऑफिसर के सभी सातों पद रिक्त Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभाग की ओर से पूर्व में कुछ बॉन्ड वाले डॉक्टरों को यहां तैनात किया गया था, लेकिन उनमें से आधे यानी तीन डॉक्टरों ने अपनी जॉइनिंग ही नहीं दी। वर्तमान स्थिति यह है कि अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के सभी सातों पद पूरी तरह से खाली पड़े हुए हैं। ओपीडी कक्ष खाली रहने के कारण कई बार मरीजों को बिना इलाज के ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteछह साल से खाली हैं विशेषज्ञ पद Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां पिछले छह वर्षों से विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं। श्वास एवं छाती रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी सर्जन और फिजिशियन जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति न होने के कारण मरीजों को मजबूरन महंगे निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है या फिर उन्हें जिला मुख्यालय व अन्य बड़े शहरों के लिए रेफर किया जा रहा है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीएचओ के भरोसे चल रही ओपीडी व्यवस्था Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस चिकित्सा केंद्र में रोजाना लगभग 600 से 800 मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। डॉक्टरों के बड़े पैमाने पर खाली पदों को भरने के लिए फिलहाल ओपीडी चैंबरों में स्वास्थ्य केंद्रों के सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) को बैठाकर काम चलाया जा रहा है, जिससे मरीजों को उच्च स्तरीय चिकित्सीय परामर्श मिलने में बाधा आ रही है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचिकित्सक डॉ. आर.एन. शर्मा ने स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि हाल ही में मूल स्थानों पर लौटे डॉक्टरों के अटैचमेंट से अस्पताल का संचालन सुचारू था, लेकिन उनके जाने से मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। स्थानीय नागरिकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सबलगढ़ अस्पताल में स्थाई डॉक्टरों की पदस्थापना की जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। Add text below Add image below