Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के सबलगढ़ सिविल अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद खाली होने से पिछले बीस महीनों से सिजेरियन प्रसव बंद पड़े हैं। इसके चलते हर महीने दर्जनों गर्भवती महिलाओं को मजबूरी में अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफर करना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-d010a6c7
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के सबलगढ़ स्थित सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलती एक गंभीर समस्या सामने आई है। यहां पिछले 20 महीनों से एक भी सिजेरियन ऑपरेशन नहीं हो सका है, जिसके चलते प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञ डॉक्टर का पद रिक्त होने से बढ़ी मुश्किलें Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ का पद लंबे समय से खाली चल रहा है। पूर्व में पदस्थ डॉक्टर नेहा राजोरिया का दो माह पूर्व निलंबन के बाद अन्यत्र स्थानांतरण हो गया था। तब से लेकर अब तक इस महत्वपूर्ण पद पर किसी नए चिकित्सक की पदस्थापना नहीं की गई है, जिससे शल्यक्रिया सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्तमान स्थिति यह है कि अस्पताल की ओपीडी में रोजाना चार सौ से अधिक महिला मरीज पहुंचती हैं और प्रतिदिन करीब साठ महिलाओं के अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। यहां सालाना लगभग पांच हजार प्रसव होते हैं, लेकिन विशेषज्ञ की गैरमौजूदगी के चलते हर महीने पंद्रह से अधिक गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन के लिए बाहर भेजना पड़ रहा है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक ही ऑपरेशन थिएटर होने से भी आ रही बाधा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचिकित्सालय में एलटीटी यानी परिवार नियोजन और सिजेरियन प्रसव के लिए केवल एक ही ऑपरेशन थिएटर उपलब्ध है। इस व्यवस्था के कारण अलग से ओटी तैयार करने की मांग काफी समय से उठती रही है। लगभग दो साल पहले मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मेश उपाध्याय के समक्ष यह विषय रखा गया था और अलग ओटी बनाने का भरोसा भी मिला था, लेकिन मैदानी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteफिलहाल महिला चिकित्सक डॉ. रेखा गोयल पर ओपीडी में मरीजों को देखने और अल्ट्रासाउंड करने का अतिरिक्त कार्यभार है, जिससे वे अकेले पूरे दबाव को संभाल रही हैं। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशासन को लिखा गया पत्र, डॉक्टर मिलने का इंतजार Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। पूर्व पार्षद नेकराम रजक का कहना है कि महिला डॉक्टर का पद रिक्त होने से आम जनता को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की पीड़ा झेलनी पड़ रही है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं, सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. रेवानंद बी. मोहन शर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ उपलब्ध हैं, लेकिन स्त्री रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति के लिए शासन स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है। नया चिकित्सक मिलने के बाद ही यहां सिजेरियन ऑपरेशन दोबारा शुरू हो सकेंगे। Add text below Add image below