Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के सबलगढ़ सिविल अस्पताल में डॉक्टरों और बुनियादी सुविधाओं का गंभीर संकट बना हुआ है। 14 साल बीत जाने के बाद भी यहां विशेषज्ञ चिकित्सक तैनात नहीं किए गए हैं, जिससे स्थानीय मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-c683def9
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के सबलगढ़ स्थित सिविल अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां लंबे समय से विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी चल रही है, जिसके चलते सामान्य बीमारियों से लेकर गंभीर हालात में आने वाले मरीजों तक को अन्य बड़े अस्पतालों के लिए रेफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइन विभागों में नहीं हैं चिकित्सक Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल के भीतर विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। मिली जानकारी के अनुसार, संस्थान में मेडिसिन, हृदय रोग, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, नाक-कान-गला (ईएनटी), नेत्र रोग और दंत रोग से जुड़े एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर की नियमित तैनाती नहीं है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचिकित्सकों की इस भीषण कमी से निपटने के लिए अब वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। हालात यह हैं कि आपातकालीन सेवाओं को सुचारू रखने के वास्ते झुंडपुरा, रामपुर, टैंटरा और मांगरौल जैसे ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से डॉक्टरों को बुलाकर इमरजेंसी ड्यूटी कराई जा रही है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quote100 बेड की घोषणा अब तक अधूरी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteक्षेत्र के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराने के दावे कागजों तक ही सीमित नजर आते हैं। आज से चौदह साल पहले यानी वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ने इस चिकित्सालय को 100 बिस्तरों की क्षमता वाला बनाने की बड़ी घोषणा की थी, लेकिन धरातल पर यह अस्पताल आज भी केवल 50 बिस्तरों के साथ ही संचालित हो रहा है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन स्तर पर प्रस्ताव भेजने की तैयारी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि सुधरो के प्रयास जारी हैं। सीबीएमओ आरएन शर्मा के अनुसार, सबलगढ़ सिविल अस्पताल की बिस्तर क्षमता बढ़ाकर 100 करने के संबंध में अब जिला चिकित्सालय के जरिए प्रदेश शासन को नया प्रस्ताव भेजने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों ने यह भी स्वीकार किया है कि संस्थान में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सख्त जरूरत है। इस बाबत मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) से दोबारा चर्चा कर जल्द ही डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि आमजन को राहत मिल सके। Add text below Add image below