Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसबलगढ़ क्षेत्र में शनिवार को हुई भारी मानसूनी बारिश ने किसानों की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इस बेमौसम आपदा के चलते अब आगामी गेहूं और सरसों की बुवाई भी काफी पिछड़ जाएगी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-c36d9d5b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक दिन की बारिश ने तोड़ी किसानों की कमर Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील में शनिवार से अचानक शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जहां पूरे अक्टूबर महीने में महज 20 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान जताया गया था, वहीं अकेले एक ही दिन में इससे कहीं अधिक पानी बरस गया। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखेतों में डूबी और गिरी फसलें Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअचानक हुई इस तेज बरसात के कारण खेतों में पूरी तरह तैयार खड़ी धान की फसलें जमीन पर बिछ गईं। इसके अलावा कटाई के बाद खेतों में सूखने के लिए रखी गई बाजरे की फसल भी भारी मात्रा में पानी में डूब गई। लगातार पानी भरे रहने और तेज हवाओं के कारण फसलों में दाने काले पड़ने और सड़ने का अंदेशा गहरा गया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबुवाई पर पड़ेगा सीधा असर Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteक्षेत्र के किसान श्रीनिवास त्यागी ने बताया कि इस प्राकृतिक मार से बाजरा, धान और गोभी की फसलों को सबसे ज्यादा क्षति पहुंची है। हाल ही में बोई गई सरसों की फसल पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। किसानों का मानना है कि खेतों में नमी अधिक होने के कारण अब आगामी रबी सीजन में गेहूं और सरसों की बुवाई लगभग एक से डेढ़ महीने तक लेट हो सकती है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआगे भी बारिश का अनुमान Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन और कृषि जानकारों की टीमें नुकसान का आकलन करने में जुटी हैं। वहीं मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों के दौरान इलाके में और अधिक बारिश होने की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं। Add text below Add image below