Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले में सड़क निर्माण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे नवनीत तोमर को पुलिस-प्रशासन ने कथित तौर पर मेडिकल जांच के बहाने ले जाकर जेल भेज दिया है। इस कार्रवाई के विरोध में जोहा ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है और उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-ba5ab69f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले में सड़क निर्माण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे युवक नवनीत तोमर को पुलिस-प्रशासन द्वारा जेल भेजे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि नवनीत को शुक्रवार देर शाम मेडिकल जांच के नाम पर ले जाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें जेल भेज दिया गया। इस घटना के बाद जोहा ग्रामीण क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों का आक्रोश और धरना प्रदर्शन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण जोहा रोड पर एकत्रित हुए और प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने सांसद सिममंगल सिंह तोमर और पुलिस-प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि सार्वजनिक सड़क की मांग करना कोई अपराध नहीं है, बल्कि यह जनहित का मुद्दा है। ग्रामीणों ने नवनीत तोमर को जेल भेजने को जनहित की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteधरना स्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि नवनीत तोमर गांव और आसपास के लोगों की सुविधा के लिए पीपरीपुरा-जौहां-श्यामपुर खुर्द सड़क के निर्माण की मांग कर रहे थे। उनकी मांग पूरी करने के बजाय, उन्हें जेल भेज दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में भारी रोष है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस बीच, नवनीत तोमर के परिवार पर भी इस घटना का गहरा असर पड़ा है। उनके छह वर्षीय बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है और परिवार के अन्य सदस्य भी काफी परेशान हैं। ग्रामीणों ने जोर देकर कहा कि सड़क की मांग करना हर नागरिक का अधिकार है और नवनीत ने कोई कानून नहीं तोड़ा, न ही किसी प्रकार की हिंसा की। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस की कार्रवाई और आरोप Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस ने शुक्रवार को नवनीत को जेल भेजते समय शांति भंग होने की आशंका जताई थी। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें मेडिकल चेकअप के बहाने ले जाया गया था। चूंकि शनिवार और रविवार को शासकीय अवकाश है, इसलिए नवनीत की सुनवाई अब सोमवार को ही संभव हो पाएगी। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि मुरैना जिले की दिमनी विधानसभा क्षेत्र में पीपरीपुरा-जौहां-श्यामपुर खुर्द सड़क निर्माण की मांग अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। इस आंदोलन को लेकर सांसद सिममंगल सिंह तोमर ने पहले इसे 'पब्लिसिटी स्टंट' करार दिया था। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआंदोलन तेज करने की चेतावनी Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नवनीत तोमर के साथ न्याय नहीं हुआ और सड़क निर्माण को लेकर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो उनका आंदोलन और भी तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य ग्रामीण भी भूख हड़ताल पर बैठने से पीछे नहीं हटेंगे। Add text below Add image below